वास्‍कोडिगामा ट्रेन हादसा: मंत्री ने दिए जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश में मानिकपुर रेलवे स्टेशन के निकट आज तड़के वास्को डि गामा-पटना एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गये.


लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मानिकपुर रेलवे स्टेशन के निकट आज तड़के वास्को डि गामा-पटना एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गये. हादसे में तीन लोगों की मौत हो गयी, जिनमें एक छह साल का मासूम और उसका पिता शामिल हैं. हादसे में नौ अन्य यात्री घायल हो गये. पटना जा रही 12741 वास्को डि गामा एक्सप्रेस सुबह चार बजकर अठारह मिनट पर जैसे ही मानिकपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-2 से होकर गुजरी, इसके 13 डिब्बे पटरी से उतर गये.

पटरी पर दरार हादसे की वजह 
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया लगता है कि दुर्घटना की वजह पटरियों में दरार आना है.रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दुर्घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. गोयल ने रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा हादसे की जांच का आदेश दिया है.

यात्रियों की मृत्यु पर सीएम योगी ने व्यक्त किया दुःख 
साथ ही रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी को मौके पर पहुंचने के लिए कहा है. गोयल ने ट्वीट कर कहा, 'राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया. उत्तर प्रदेश के मानिकपुर में वास्को डि गामा-पटना एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरने के मामले की जांच के आदेश दिये गये हैं. ' इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेल दुर्घटना में यात्रियों की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायल यात्रियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए अधिकारियों को उनके समुचित एवं त्वरित उपचार के निर्देश भी दिए. 

तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई
चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेन्द्र सिंह ने घटनास्थल से फोन पर भाषा को बताया कि गोवा से पटना जाने वाली 12741 वास्को डि गामा एक्सप्रेस आज तड़के करीब सवा चार बजे मानिकपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म फॉर्म संख्या-दो से गुजर रही थी.  ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म से कुछ दूर आगे बढ़ी, उसके तेरह डिब्बे पटरी से उतर गए. सिंह ने बताया कि इस हादसे में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है.  हादसे में मारे गये पिता-पुत्र बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के हैं.  दोनों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ा. 

हादसे में नौ यात्री घायल हो गए घायल 
उन्होंने बताया कि हादसे में नौ यात्री घायल हो गए हैं. इनमें दो की हालत गंभीर है, जिन्हें जिले के अस्पताल में दाखिल कराया गया है. अन्य घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उत्तर-मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि एस-3 से एस11 तक शयनयान डिब्बे, दो जनरल कोच और दो अतिरिक्त कोच पटरी से उतरे. उन्होंने बताया कि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है और राहत-बचाव कार्य जारी है. मालवीय ने बताया कि दुर्घटना के बाद एक मेडिकल ट्रेन घटनास्थल के लिए तुरंत रवाना कर दी गयी. 

रूट को साफ कर दिया गया है
सुबह पांच बजकर 20 मिनट पर दुर्घटना राहत ट्रेन भी मौके पर रवाना कर दी गयी. इलाहाबाद के मंडल रेल प्रबंधक :डीआरएम: मौके पर हैं जबकि उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक पहुंच रहे हैं. रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने पीटीआई को बताया कि जिस रूट पर दुर्घटना हुई, उसे साफ कर लिया गया है और अब यह ट्रेनों के परिचालन के लिए तैयार है. 

हादसे में मारे गए लोगों की सूची जारी 
जिला अस्पताल की ओर से जारी सूची के अनुसार, हादसे में मारे गये लोगों में से दो की पहचान गोलू कुमार (छह) और दीपक कुमार (30) के रूप में हुई है. तीसरे व्यक्ति की पहचान के प्रयास किये जा रहे हैं. हादसे में घायल हुए लोग हैं रिंकी कुमार (24), अभिषेक (28), अरविंद कुमार (24), रामेश्वर (50) मंजीत देवी (22), इंदल चौहान (24), राजकुमार दास (28), चन्द्रशेखर (18) और जयकुमार (41). गौरतलब है कि इस वर्ष अगस्त में उत्तर प्रदेश में ही कलिंग- उत्कल एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरने के कारण 23 यात्रियों की मौत हो गयी थी जबकि 150 अन्य घायल हो गये थे.

यह हादसा मुजफ्फरनगर के निकट हुआ था. उस दौरान कुछ ही दिनों के भीतर कई ट्रेन हादसे हुए थे जिसके बाद रेल मंत्रालय की कमान सुरेश प्रभु से लेकर पीयूष गोयल को सौंपी गई. 

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