लखनऊ को 100 साल बाद मिली पहली महिला मेयर, जानिए कौन हैं संयुक्ता भाटिया
लखनऊ को 100 साल बाद मिली पहली महिला मेयर, जानिए कौन हैं संयुक्ता भाटिया


लखनऊ। यूपी के नगर निगम चुनावों में जीत का परचम लहराने वाली भाजपा ने लखनऊ में 100 सालों का इतिहास पलट दिया। लखनऊ नगर निगम पर भाजपा की सयुंक्ता भाटिया ने कब्जा जमाया। राजधानी को सौ वर्ष में पहली बार महिला मेयर मिली। इस सीट के लिए संयुक्ता की सीधी लड़ाई समाजवादी पार्टी की मीरा वर्धन के बीच थी। संयुक्‍ता भाट‍िया ने मीरा वर्धन को हराकर मेयर की कुर्सी पर कब्‍जा क‍िया है। तीसरे नंबर पर कांग्रेस की प्रेमा अवस्थी और चौथे स्थान पर बहुजन समाजवादी पार्टी की बुलबुल गोडियाल रहीं। 

संयुक्ता भाटिया लखनऊ की नई मेयर 
संयुक्ता भाटिया 90 के दशक में कैंट से विधायक रहे स्वर्गीय सतीश भाटिया की पत्नी हैं। सतीश ने पहली बार इस सीट पर बीजेपी को जीत 1991 में जीत दिलाई थी। संयुक्ता संघ की भाजपा की अवध प्रांत की महिला समन्वयक हैं, जबकि उनके बेटे प्रशांत भाटिया लखनऊ के विभाग कार्यवाह हैं। संयुक्ता भाटिया का पूरा परिवार काफी लंबे समय से बीजेपी और संघ से जुड़ा रहा है। 

संयुक्ता भाटिया को मिले 2 लाख से अधिक वोट 
लखनऊ की पहली महिला मेयर संयुक्ता भाटिया को 2 लाख 43 हजार 169 वोट मिले। वहीं सपा की मीरावर्धन को 1 लाख 58 हजार 974 वोट मिले। इनके अलावा कांग्रेस की प्रेमा अवस्थी 70 हजार 753 मत के साथ तीसरे स्थन पर रहीं, जबकि बसपा की बुलबुल गोदियाल 53 हजार 258 वोट के साथ चौथे स्थान पर रहीं।

57 साल के इतिहास में अब तक 18 नगर प्रमुख 
जनसंघ विचारधारा से जुड़े राजकुमार श्रीवास्तव लखनऊ के पहले नगर प्रमुख बने थे। 57 साल के इतिहास में अब तक 18 नगर प्रमुख और महापौर चुने जा चुके हैं। लखनऊ ने तीन बार महिला को तो संसद का रास्ता दिखाया लेकिन शहर की मेयर 100 साल बाद मिली। लखनऊ से शीला कौल 1971, 1980 और 1984 में चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंची थीं।


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