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फिक्की इंडिया सैनिटेशन कोअलिशन ने किया वर्कशॉप का आयोजन
सैनिटेशन के लिए क्रेडिट अनिवार्य है क्यों कि टॉयलेट होने से लोग स्वस्थ रहेंगे और जागरूकता भी फैलेगी।


लखनऊ : फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री 'फिक्की' इंडिया सैनिटेशन कोअलिशन और उसके पार्टनर सा.धन और वाटर.ऑर्ग  के साथ मिलकर एक वर्कशॉप का आयोजन किया जिमसे उत्तर प्रदेश में ओडीएफ कवरेज को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट फाइनेंसिंग के अवसर के बारे में चर्चा किया गया। इस चर्चा का मुख्या उद्देश्य बेहतर सैनिटेशन को बढ़ावा देना है और लोगों में सैनिटेशन क्रेडिट फैसिलिटी के बारे में जागरूकता फैलाना था।

फिक्की द्वारा आयोजित इस वर्कशॉप में वाटर ​. ऑर्ग की मैनेजिंग डायरेक्टर वेदिका भंडारकरए सा. धन से डॉ. सैबल पॉल, माइक्रो फाइनेंस उत्तर प्रदेश के सीईओ सुधीर सिन्हा और मिशन डायरेक्टर, एसबीएम, आईएस उत्तर प्रदेश सरकार आकाश दीप और फिक्की की ओर से अमित गुप्ता मौजूद रहे।

वाटर ​. ऑर्ग  की मैनेजिंग डायरेक्टर वेदिका भंडारकर ने कहाए पानी और सैनिटेशन सभी के लिए महत्वपूर्ण है और इसको बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट की जरूरत है। अभी भी बहुत सी डिस्ट्रिक्ट ऐसी है जो ओडीएफ फ्री नहीं है और उनके लिए क्रेडिट बहुत जरुरी है क्यों कि उनके पास टॉयलेट नहीं है और जो ओडीएफ फ्री है उन्हें भी क्रेडिट की जरूरत है ताकि वो टॉयलेट को अपग्रेड कर सके और ये क्रेडिट या तो गवर्नमेंट एसएचजी के माध्यम से मिल सकता है या नॉन गवर्नमेंट  एसएचजी के माध्यम से या तो सीधे बैंक से मिल सकता है। सैनिटेशन के लिए क्रेडिट अनिवार्य है क्यों कि टॉयलेट होने से लोग स्वस्थ रहेंगे और जागरूकता भी फैलेगी।

मिशन डायरेक्टरए एस बी एम, आई ए एस उत्तर प्रदेश सरकार आकाश दीप ने कहा उत्तर प्रदेश में सैनिटेशन कवरेज के मामले में 2012 से 2018 में बढ़ोतरी हुई है। अब लोग टॉयलेट का इस्तेमाल कर रहे है । 2018 में 5 हजार करोड़ फंडिंग के साथ 63 प्रतिशत सैनिटेशन कवरेज में बढ़ोतरी हुई है।  हमारे यहाँ अभी भी बहुत काम गांव है जो ओडीएफ फ्री हैए  उत्तर प्रदेश में 16 लाख टॉयलेट्स ऐसे थे जो किसी काम के नहीं थे और स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत अब वो 12 लाख हो गए है लेकिन अब भी यह आंकड़ा बहुत ज्यादा है और इसका कारण यह है कि ये गवर्नमेंट के स्कीम के अंदर नहीं आते।


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