होटल रेडीसन लखनऊ सिटी सेंटर में उठाइये स्वादिष्ट गुजराती व्यंजनों का लुत्फ
होटल रेडीसन लखनऊ सिटी सेंटर स्थित रेस्टोरेंट कैप्रिस में शुरू हुये फूड फेस्टिवल में गुजरात के बेहतरीन व्यंजनों का लुत्फ उठाने को मिलेगा।


लखनऊ : विश्व मे सबसे ज्यादा अगर किसी मेहमान नवाजी की बात होती है तो वो है भारतीय मेहमान नवाजी। आज  भारतीयों को सभी प्रकार के मसालों की खोज के लिए जाना जाता है । पंजाबी और दक्षिण भारतीय खाने के बाद गुजराती खाना भारत मे बहुत पसंद किया जाता है तो अगर आप भी हैं गुजराती खाने के शौकीन तो चले आइये होटल रेडीसन लखनऊ सिटी सेंटर जहां पर गुजराती फूड फेस्टीवल की शुरूआत की गई।

होटल रेडीसन लखनऊ सिटी सेंटर स्थित रेस्टोरेंट कैप्रिस में शुरू हुये ‘फूड फेस्टिवल‘ में गुजरात के बेहतरीन व्यंजनों का लुत्फ उठाने को मिलेगा। इस मौके पर रेडीसन लखनऊ सिटी संेटर के एग्जीक्यूटिव शेफ राकेश कौल, शेफ निखिल, शेफ ऐमी जनात्रा, शेफ शाबिर अली, शेफ कपिल कुमार, कमल छाबड़ा (फूड एण्ड बेवरेज मैनेजर, होटल रेडीसन लखनऊ सिटी सेंटर), जनरल मैनेजर आर0पी0 सिंह, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर वीरेन्द्र गुप्ता एवं डायरेक्टर विष्णु गुप्ता मौजूद रहे। इस फूड फेस्टीवल की शुरूआत 20 अप्रैल को की गई एवं यह 10 दिनांें तक चलेगा।  

रेडीसन लखनऊ सिटी सेंटर के एग्जीक्यूटिव शेफ राकेश कौल ने बताया कि गुजराती शाकाहारी खाना पकाने की कला में माहिर हैं. इसलिए यहां के व्यंजन शाकाहारी और सरल होते हैं. जिन्हे ज्यादातर दाल और अनाज का प्रयोग करके बनाया जाता है. सरल सामग्रियों से यहां बेहतरीन और स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं. हींग गुजराती भोजन का एक अभिन्न अंग है. इसलिए वे दाल या सब्जी में हींग का तड़का जरूर लगाते हैं. 

यहां के व्यंजनों में काफी विविधता भी देखने को मिलती है. अगर एक सामान्य गुजराती थाली की बात की जाए तो इसमें गेहूं के आटे या बाजरे के आटे से बनी रोटी (रोटला) या ब्रेड, एक सब्जी, दाल, चावल, कढ़ी और एक गिलास छाछ और एक मिठाई जरूर शामिल होगी. ऐसा भी नहीं है कि गुजराती हर खाने में मीठा डालते हैं. अगर दाल, कढ़ी और सब्जी को छोड़ दिया जाए तो फाफड़ा, ढोकला, थेपला, खाखरा, मुठिया बढ़िया मसालेदार चीजें भी हैं। उन्होने बताया कि अपने खास स्वाद की वजह से गुजराती खाना देश ही नहीं विदेशों में भी मिलता है. खाखरा और थेपला बहुत हेल्दी होते हैं. इनमें पोषण के सभी तत्त्व जैसे कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन्स, फैट्स, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होते हैं।

चोखना पापड़, मिक्स्ड भजिया, उंधियू, छोली, पनीर मकई टमाटर, टोपरा नी दाल, मसाला पूड़ी, लीला भात, खजूर इमली चटनी, केरी नो रस, खमन, ढोकली नु शाक, कंाडा बटाटा नु शाक, पनीर मकई टमाटर, मीठी दाल, घउ नी रोटली, सादा भात, लिली चटनी, दूधपाक जैसे व्यंजन इस फेस्टिवल को लाजवाब बनाएंगे। खाने के शौकीन लोगों के लिए अन्य कई बेहतरीन व्यंजन उपलब्ध होंगे। 

कमल छाबड़ा (फूड एण्ड बेवरेज मैनेजर, होटल रेडीसन लखनऊ सिटी सेंटर) ने कहा कि जहां तक खाने की बात है, गुजरात का गुजराती खाना पश्चिमी भारत के खाने जैसा ही है। यहाँ का जायका खट्टे, मीठे, और तीखे का संयोजन होता है। हमारा देश अलग-अलग संस्कृतियों की वजह से जाना है. जहां अलग-अलग संस्कृति हैं वहीं खास पकवान भी हैं जो देश की शान भी हैं. जिस तरह नॉर्थ इंडिया का खाना थोड़ा मसालेदार और ज्यादा तेल वाला होता है. वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों में मांस-मछली और मिठाइयों का क्रेज है. जबकि अगर दक्षिण भारत के खाने का जिक्र किया जाए तो वहां का ज्यादातर खाना नारियल के तेल से पकाया जाता है और चावल से ज्यादातर पकवान बनते हैं. यहां के खाने में मसाला काफी मात्रा में इस्तेमाल होता है. इसके मुकाबले गुजरात में जो भी दाल और सब्जियां बनती वे थोड़ा-सा मीठी होती हैं। 

होटल रेडीसन लखनऊ सिटी सेंटर स्थित रेस्टोरेंट कैप्रिस में जनवरी में शुरू हुई ‘कुलिनरी एकेडमी‘ में हर माह फूड फेस्टीवल का आयोजन किया जायेगा जिसका आगाज कश्मीरी फूड फेस्टीवल से किया गया। उसके बाद फरवरी में पंजाबी फूड फेस्टीवल, मार्च में उत्तर प्रदेश के व्यंजनों एवं अप्रैल मे गुजराती फूड फेस्टीवल शुरू किया। इसके बाद बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आन्ध्र प्रदेश, गोवा, तमिलनाडू एवं केरल के व्यंजनों को न सिर्फ ‘कुलिनरी एकेडमी‘ में बनाना सिखाया जायेगा बल्कि प्रतिभागी इन अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। 

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