UP : सहायक अध्यापक भर्ती में नया अड़ंगा, इन अभ्यर्थियों को नहीं मिलेंगे नियुक्तिपत्र
UP : सहायक अध्यापक भर्ती में नया अड़ंगा, इन अभ्यर्थियों को नहीं मिलेंगे नियुक्तिपत्र


प्राथमिक विद्यालयों में चल रही 12460 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में हाईकोर्ट ने ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है, जिन्होंने बीटीसी प्रशिक्षण नियुक्ति वाले जिले के बजाए किसी और जिले से प्राप्त किया है।
कोर्ट ने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की जाए, मगर उनको अदालत की अनुमति के बिना नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से इस मामले में दो सप्ताह में जवाब मांगा है।

रामजनक मौर्या और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान सुनवाई कर रहे हैं। याची ने गोंडा जिले में चल रही भर्ती को चुनौती दी है। कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया के तहत 24 जिलों में शून्य पद घोषित किए गए हैं। इसलिए उन जिलों से प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी अन्य जिलों में आवेदन कर रहे हैं।

उनको प्रथम सूची में शामिल किया गया है। जबकि नियमानुसार जिस जिले की भर्ती है, उसी जिले से प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को वरीयता दी जानी चाहिए। गैर जिले के अभ्यर्थियों को बाद में शामिल किया जाए।

मांग की गई कि बीएसए गोंडा को आदेश दिया जाए कि वह प्रथम चरण की काउंसलिंग में गैर जिले के अभ्यर्थियों को बाहर कर नए कट ऑफ मार्क्स जारी करें। इस संबंध में शासनादेशों में दिए गए प्रावधानों को लागू करने की मांग की गई है।

याची के अधिवक्ता ने कहा कि 19 अप्रैल को जारी अधिसूचना में मूल दस्तावेजों की जांच हेतु 23 अप्रैल की तिथि नियत की गई है।

कोर्ट ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी अधिसूचना के तहत दस्तावेजों का सत्यापन जारी रखें, मगर गोंडा के अलावा दूसरे जिले से प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को फिलहाल नियुक्तिपत्र न जारी किया जाए।



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