अखिलेश यादव के बंगले के लिए 42 करोड़ जारी
अखिलेश यादव के सरकारी बंगला खाली करने के बाद यूपी की सियासत में घमासान मचा हुआ है।


लखनऊ : यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सरकारी बंगला खाली करने के बाद यूपी की सियासत में घमासान मचा हुआ है। मीडिया को जब बीते शनिवार को 4, विक्रमादित्य मार्ग का सरकारी बंगला दिखाया गया, तो अंदर तकरीबन हर जगह तोड़फोड़ की गई थी। वहीं अब यह बात भी सामने आ रही है कि बंगले की साज-सज्जा के लिए जो 42 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, उनमें से 41.1 करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं मिल रहा है।

राज्य संपत्ति विभाग के पास अखिलेश यादव के चार विक्रमादित्य मार्ग के आवास पर हुए खर्च का हिसाब भी नहीं है। सूत्रों का कहना है कि बजट में इस बंगले के लिए अलग-अलग मदों में दो बार कुल 42 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, लेकिन राज्य संपत्ति अधिकारी का योगेश कुमार शुक्ल का कहना है कि विभाग के हिसाब में सामने आया है कि इस बंगले पर केवल 89.99 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं। बाकी धनराशि कहां खर्च की गई, इसका पता लगाया जा रहा है। 

उन्होंने यह भी कहा, 'यह संभव है कि कई विभागों के लिए अलग-अलग मदों से धनराशि जारी की गई हो। वहीं जिन पूर्व सीएम ने बंगलों की चाबियां सौंपी हैं, उनमें से केवल पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बंगले में ही तोड़फोड़ मिली है। क्या-क्या तोड़ा गया, इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी।'

शनिवार को जब अखिलेश यादव का 4, विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी बंगला खोला गया तो अंदर का हाल देखकर सभी दंग रह गए। कभी आलीशान महल की तरह दिखने वाला यह बंगला अंदर से तहस-नहस मिला। एसी, स्विच बोर्ड, बल्ब और वायरिंग तक गायब मिले। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल और लॉन उजड़े हुए हैं। सीढ़ियां तोड़ दी गई हैं। साइकल ट्रैक भी खोद दिया गया है। बंगले में पहली मंजिल पर (जहां अखिलेश रहते थे) वहां बने सफेद संगमरमर के मंदिर के अलावा कोई हिस्सा ऐसा नहीं है, जहां तोड़फोड़ न की गई हो। 

अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्री रहते हुए 4, विक्रमादित्य मार्ग पर यह बंगला बनवाया था। इसे सजाने के लिए राज्य सम्पत्ति विभाग ने दो किस्तों में 42 करोड़ रुपये जारी किए थे। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद वह इसमें रहने लगे थे। अखिलेश ने दो जून को ही बंगला खाली कर दिया था लेकिन कुछ सामान रखा होने की बात कहकर तब चाबी राज्य सम्पत्ति विभाग को नहीं सौंपी थी। शुक्रवार रात अखिलेश और मुलायम सिंह यादव के बंगलों की चाबी राज्य संपत्ति विभाग को दे दी गई थी। 

बंगले में तोड़फोड़ को लेकर अखिलेश ने योगी सरकार को निशाने पर लिया था। शनिवार को अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार उन्हें टूटे-फूटे सामानों की लिस्ट मुहैया कराए, तो वह एक-एक सामान वापस कर देंगे। साथ ही अखिलेश ने कहा कि उनका जो सामान जैसे कि आंवला और कई महंगे पेड़ घर में छूट गए हैं, उसे सरकार उन्हें वापस करे। 

इस मामले में जहां एक ओर राज्य संपत्ति विभाग रिकवरी की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि सीधे सीएम योगी के इशारे पर बंगले में तोड़फोड़ हुई। एसपी नेता सुनील यादव का कहना है उपचुनावों में एक के बाद एक मिली हार से सीएम योगी निराश हैं, इसीलिए अखिलेश को बदनाम करने की नीयत से उनके निर्देश पर बंगले के अंदर तोड़फोड़ की गई। वहीं, बीजेपी ने अखिलेश यादव पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया है। 

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