वाराणसी पुल हादसा: तकनीकी समिति ने प्रमुख सचिव को सौंपी रिपोर्ट
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लखनऊ, पीएम मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में पिछले महीने पुल टूटने की वजह से एक बड़ा हादसा हो गया था. इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी. उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा गिरने की वजह पता करने के लिए गठित तकनीकी समिति ने पिछले सप्ताह सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है. इसमें स्पष्ट कहा गया है कि दुर्घटनास्थल के दोनों तरफ भारी यातायात अथवा हवा के दबाव के कारण हो रहे कंपन के प्रति पृथक रूप से कास्ट किये गए गर्डर संवेदनशील थे.

रिपोर्ट में कहा गया कि पी-79 से पी-80 के बीच पांच गर्डर को कास्ट करने के बाद प्रावधान के अनुरूप क्रास बीम की ढलाई नहीं की गयी. इससे सभी गर्डर पृथक रहे और गिरने के लिहाज से संवेदनशील भी.

इसमें कहा गया कि पुल के नीचे दिन रात यातायात चलना दुर्घटना की वजह बना. समिति में उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (सेतु) वाईके गुप्ता एवं इलाहाबाद सर्किल के मुख्य अभियंता एसके गुप्ता थे.

लहरतारा और चौकाघाट के बीच 2261 मीटर लंबा फ्लाईओवर उत्तर प्रदेश सेतु निगम बना रहा है. इसकी लागत 129 करोड़ रुपये है. पुल का एक हिस्सा 15 मई को गिर गया था. सेतु निगम के अधिकारियों और मौके पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. हालांकि इसमें नामजद किसी को नहीं किया गया है.

सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक और अन्य अधिकारी सरकार ने निलंबित किये. निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक राजन मित्तल को भी हटा दिया गया था.


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