हमीरपुर : बाढ़ आयी तो 184 गाँवों में होगी तबाही
बाढ़ से निपटने को हमीरपुर में नहीं है गोताखोर, अच्छी नावें व स्टीमर के भी लाले


हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में इस साल बाढ़ आयी तो बेतवा, यमुना व अन्य नदियों से 184 ग्राम न सिर्फ प्रभावित होंगे बल्कि 321987 लोग बाढ़ की गिरफ्त में आयेंगे। हालाँकि बाढ़ से निपटने के लिये यहाँ न तो अच्छी नावें है और न ही कोई स्टीमर है। मौदहा बांध निर्माण खंड के अधिशाषी अभियंता एके सिंह ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण केन्द्र चालू कर दिया गया है और हर स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गयी है। 

जिले के हमीरपुर तहसील क्षेत्र में बेतवा नदी की बाढ़ से 56 गाँव की 92014 की आबादी प्रभावित होती है जबकि यमुना नदी से 20 गाँवों के 28292 तथा चन्द्रावल नदी से 5 ग्रामों के 14412 की आबादी प्रभावित होगी। इस तहसील क्षेत्र में नदियों की बाढ़ से न सिर्फ 81 ग्राम चपेट में आयेंगे बल्कि 124718 लोग भी प्रभावित होंगे। मौदहा तहसील क्षेत्र में तीन ग्रामों के 6991 ग्रामीण जहाँ बेतवा नदी से प्रभावित होंगे जबकि सीहो नाला की बाढ़ से 6 ग्रामों के 10113, चन्द्रावल नदी से 18 ग्रामों के 38098, केन नदी से 6 ग्रामों के 12109, वर्मा नदी से 9 ग्रामों के 19519, श्याम नदी से 7 ग्रामों के 12321 लोग प्रभावित होंगे। 

मौदहा तहसील क्षेत्र में इन नदियों की बाढ़ से 49 ग्रामों की 100161 आबादी प्रभावित होगी। राठ तहसील क्षेत्र में धसान नदी से 11 ग्रामों के 16158, वर्मा नदी से 9 ग्रामों के 260807 लोग प्रभावित होंगे। इस क्षेत्र में 20 ग्रामों की 42965 आबादी बाढ़ से प्रभावित होगी। इसी तरह से सरीला तहसील क्षेत्र में भी 34 ग्रामों की 44143 आबादी बेतवा, धसान व वर्मा आदि नदियों की बाढ़ से प्रभावित होगी। एडीएम ने बैठक में कहा कि वर्ष 1996 में बाढ़ से हमीरपुर जिला प्रभावित हुआ था उस समय यमुना नदी का जलस्तर 107.110 मीटर व बेतवा का जलस्तर 106.500 मीटर दर्ज किया गया था।
 
मौदहा बांध निर्माण खण्ड के अधिशाषी अभियंता एके सिंह ने बताया कि हमीरपुर जिले में गोताखोरों के लाले पड़े है जिसके लिये सम्बन्धित अधिकारियों को बाढ़ के दिनों में सतर्क रहने तथा बाढ़ चौकियों पर प्रभावी नियन्त्रण बनाये रखने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की व्यवस्थायें की जायेगी। 

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