रिहा होते ही बीजेपी पर भड़का 'रावण', सत्ता से उखाड़ फेंकने की खाई कसम
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सहारनपुर, सहारनपुर के शब्बीरपुर में 2017 में हुई जातीय हिंसा के मुख्य आरोपी भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ़ रावण को सरकार ने समय से पहले रिहा कर दिया. शुक्रवार सुबह तीन बजे के करीब उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया. रासुका में निरुद्ध रावण 16 महीने से जेल में बंद थे. उनकी अवधि 1 नवंबर 2018 तक थी.

सुबह तड़के जब रावण को जेल से रिहा किया गया, उस समय भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे. रावण की रिहाई के बाद उनके चेहरे पर ख़ुशी साफ दिख रही थी. उन्होंने रिहाई के बाद रावण के समर्थन में नारेबाजी भी की. जेल से छूटकर घर पहुंचे रावण ने बीजेपी पर जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकना है.

रावण ने समर्थकों से कहा, "न सोएंगे और न सोने देंगे जब तक कि 2019 में बीजेपी को सत्ता से उखाड़ न दें. कोई स्वागत समारोह नहीं होगा. अगर कोई सोच रहा है तो वह उसे मन से निकल दे. मैं जेल से बाहर काम करने के लिए आया हूं."

बता दें शुक्रवार शाम गृह विभाग की तरफ से एक प्रेस नोट जारी कर चंद्रशेखर उर्फ़ रावण और उनके दो साथियों को रिहा करने की जानकारी दी गई. प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार ने बताया कि रावण की रिहाई का आदेश सहारनपुर के डीएम को भेज दिया गया है. रावण के साथ बंद दो अन्य आरोपियों सोनू और शिवकुमार को भी रिहा करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि रावण की मां के प्रार्थनापत्र पर यह निर्णय शासन ने लिया है.

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