रेलवे की लापरवाही की देन है रायबरेली रेल हादसा, पीड़ितों को मिले ज्यादा मुआवजा : रालोद
File Photo


लखनऊ, राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने जनपद रायबरेली रेल हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये कहा है कि पूर्व की दुर्घटनाओं से यदि रेल मंत्रालय ने सबक लेकर सुरक्षा के प्रबन्ध किये होते तो आज दुर्घटना से बचा जा सकता था। उन्होंने कहा कि केन्द्र में भाजपा की सरकार आने के बाद रेल दुघर्टनाओं में बाढ सी आ गयी है और रेल मंत्रालय हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है। इस प्रकार की रेल घटनाएं रेलवे विभाग की बदइंतजामी का परिणाम है। देष की जनता को बुलेट ट्रेन का ख्वाब दिखाने वाले लोग अपने देष में फैली हुयी रेल लाइनों के रखरखाव में नाकाम साबित हो चुके हैं।

दुबे ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अपने सम्पूर्ण कार्यकाल में रेल भाड़ा बढाने में कोई भी कसर नहीं छोडी और जनता को सुविधाएं देने के नाम पर मंत्रालय शून्य रहा। वास्तविकता यह है कि अपने कार्यकाल में पुरानी जर्जर रेल की पटरियों को भी बदलने का कार्य प्रभावी ढंग से कराने में सरकार लापरवाह साबित हुयी है यदि बढे हुये रेल किराये की धनराषि को ही रखरखाव में खर्च किया जाता तो भी स्थिति बेहतर हो सकती थी लेकिन यह सरकार केवल मन्दिर मस्जिद के नाम पर सम्प्रदायिक भावनाएं भड़काने में व्यस्त रही और देष की जनता को भगवान के भरोसे छोड दिया।

दुबे ने रेल हादसे में मारे गये लोगों के परिजनों को 50-50 लाख रूपये तथा गम्भीर घायलों को 5-5 लाख रूपये और घायलों को 2-2 लाख रूपये का मुआवजा देने की मांग करते हुये कहा है कि सरकार द्वारा घोषित मुआवजा बहुत ही कम है और रेल मंत्रालय की लापरवाही के चलते हुयी इस दुर्घटना में मुआवजा बढाकर घोषित किया जाय। 

अधिक राज्य की खबरें