राम मंदिर निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट से नहीं बची कोई उम्मीद: महंत नरेंद्र गिरी
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सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या राम मंदिर मामले की सुनवाई जनवरी तक टलने के बाद साधु-संतो की चिंता एक बार फिर से राम मंदिर निर्माण को लेकर बढ़ गयी है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर विवाद का हल निकलने की अब कोई उम्मीद नहीं बची हैं. उन्होंने कहा है कि ऐसा लग रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश भी इस मामले में निर्णय देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं.

महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि मंदिर निर्माण के अब दो ही रास्ते बचे हैं. केन्द्र सरकार संसद में कानून बनाकर मंदिर का निर्माण करे या फिर शिया वक्फ बोर्ड, सुन्नी वक्फ बोर्ड और मुसलमान भाई मंदिर निर्माण के लिए आगे आयें और देश में एक मिशाल कामय करें. उन्होंने कहा है कि मुसलमान भाईयों को इस मामले में आगे आना चाहिए और उन्हें कहना चाहिए कि भगवान राम का जन्म वहीं पर हुआ था, इसलिए मंदिर का भी निर्माण होना चाहिए.

नरेंद्र गिरी ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए साधु संतों के साथ ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद भी पहल कर रहा है. लेकिन अब भाजपा को भी इस मामले में पहली शुरु करनी चाहिए. उन्होंने कहा है कि राम मंदिर हिन्दुओं की आस्था का विषय है, इसलिए राम मंदिर का निर्माण अब नहीं होगा तो कभी नहीं होगा.

उन्होंने कहा है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ ही सभी साधु संतों की भी यही मांग है कि कानून बनाकर राम मंदिर का निर्माण कराया जाये. महंत नरेंद्र गिरी ने भाजपा से भी मंदिर मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा है कि अब समय आ गया है जबकि भाजपा को बताता होगा कि राम मंदिर उसके एजेंडे में है कि नहीं और मंदिर का निर्माण कब तक शुरु होगा.

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