'राम मंदिर का निर्माण चुनाव से पहले करे सरकार, यह आग्रह नहीं आदेश है'
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आरएसएस के बाद अब साधु-संतों ने सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए धर्मादेश जारी करते हुए कहा है कि अध्यादेश लाएं या फिर कानून बनाएं लेकिन निर्माण कार्य आम चुनाव से पहले शुरू होना चाहिए. दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय संत समिति के धर्मादेश सम्मलेन में संतों ने कहा कि राम मंदिर निर्माण से कुछ भी कम मंजूर नहीं है.

धर्मादेश सम्मलेन में साधु-संतों ने कहा कि हालात बेकाबू हो रहे हैं और सब्र टूट रहा है. केंद्र सरकार को हर हाल में आम चुनाव से पहले राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू होना चाहिए. सम्मेलन में राम मंदिर निर्माण को लेकर पारित प्रस्ताव के मुताबिक, 'यह केंद्र सरकार का काम है कि मंदिर अध्यादेश से बने या कानून से.'

आग्रह नहीं कर रहा है, आदेश दे रहा है संत समाजः जीतेंद्रानंद सरस्वती

अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, "संत समाज मंदिर निर्माण के लिए सरकार से आग्रह नहीं कर रहा है, यह आदेश है. संत और बहुसंख्यक हिंदू समाज चुनाव से पहले हर हाल में राम मंदिर का निर्माण चाहता है. इसके अध्यादेश लाना या सौहार्दपूर्ण माहौल में रास्ता निकालना सरकार का काम है. हम अब और इंतजार नहीं कर सकते."

सम्मलेन में तय हुआ है कि राम मंदिर के मुद्दे पर 25 नवंबर को अयोध्या में विशाल जनसभा का आयोजन होगा. इस जनसभा में राम मंदिर निर्माण को लेकर नए सिरे से आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी.

उधर राम मंदिर निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज कोर्ट को दे दिए गए हैं. फिर भी निर्णय में देरी हो रही है. अब जनता ही निर्माण की तारीख घोषित करेगी. छह नवंबर को अयोध्या जा रहा हूं.

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