बीजेपी की नीतियों से धर्मनिरपेक्षता को खतरा है, सांप्रदायिक ताकतें हो रही है संगठित : अखिलेश यादव
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते सपा मुखिया अखिलेश यादव


लखनऊ, भारतीय संविधान में समाजवाद, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक भारत बनाने की व्यवस्था है। समाजवादी पार्टी इसके लिए संकल्पित और संघर्ष के रास्ते पर है। राजनीतिक लड़ाई विचारों की है। ये कहना है सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का. अखिलेश ने उक्त बातें आज पार्टी कार्यालय में आयोजित भारतरत्न बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर के 63 वें परिनिर्वाण दिवस पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कही.
 
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा संविधान की परवाह नहीं करती है। सामाजिक समानता के लिए भाजपा खतरा है। भाजपा नफरत की राजनीति करती है। भाजपा ने समाज में झगड़ा लगा दिया। आर्थिक गैरबराबरी भी भाजपा सरकार में बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों से धर्मनिरपेक्षता को खतरा है। सभी सांप्रदायिक ताकतों से लोकतंत्र को खतरा हैं। आज सांप्रदायिक ताकतों को केन्द्रित करने की साजिश रची जा रही है. 

सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी की नफरत की राजनीति ने समाज में विघटन पैदा कर दिया है। दुनिया में इससे देश का सम्मान और भरोसा घटा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सामाजिक न्याय से परहेज है. 

यादव ने कहा कि देश में अर्थव्यवस्था चौपट है। नोटबंदी और जीएसटी ने आर्थिक संकट पैदा कर दिया है। बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं है। चिकित्सा और शिक्षा कुव्यवस्था की शिकार है। गरीबों से छीनकर व्यापार बड़े कारपोरेट प्रतिष्ठानों के पास पहुंचा दिया गया है। किसानों को फसल की सही कीमत नहीं मिल रही है। लोग सम्पन्न हों तो स्वयं शौचालय बना लेंगे। वैसे भी कहीं सफाई नहीं है। कूड़े का निस्तारण नहीं हो रहा है।

सपा प्रमुख ने कहा कि चुनावों में ईवीएम मशीनों को लेकर जनता के मन में संदेह है। मतदान के समय गड़बड़ी हो सकती है। कोई भी तकनीक सम्पूर्ण रूप से संतोष जनक नहीं हो सकती है। मशीन गड़बड़ होने पर आख़िर उसकी मरम्मत किस बात की होती है? 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज असहमति के विचार पर ही आघात होने लगा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों एक हैं। दोनों की नीतियां और कार्यक्रम एक जैसे है। कांग्रेस के कामों को ही भाजपा सरकार आगे बढ़ा रही है। भाजपा की अपनी कोई योजना या कार्यक्रम नहीं है। वह समाजवादी सरकार के कामों का ही उद्घाटन का उद्घाटन और शिलान्यास का शिलान्यास कर रही है। 

यादव ने कहा कि अपनी विफलता छुपाने के लिए भाजपा लोकसभा चुनावों के पहले कई तरह के षडयंत्र करेगी। जनता को गुमराह करने के लिए वह नए-नए तरीके अपना सकती है। हमारे सामने सद्भाव मजबूत करने की चुनौती है। सद्भाव और विकास साथ-साथ ही होगा। गांवों का विकास भी शहरों की तरह होना चाहिए। समाजवादी साथियों को अपनी नीति, कार्यक्रम तथा उपलब्धियों के साथ जनता के बीच जाना होगा ताकि साम्प्रदायिक और लोकतंत्र से खिलवाड़ करने वाली ताकतों को करारी शिकस्त दी जा सके।

कार्यक्रम में माताप्रसाद पाण्डेय, अहमद हसन, राजेन्द्र चौधरी, नरेश उत्तम पटेल, संजय सेठ, अरविन्द सिंह गोप, एसआरएस यादव, अरविन्द कुमार सिंह, नरेन्द्र वर्मा, नवाब इकबाल महमूद, विकास यादव, मौलाना इकबाल कादरी भी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

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