'सपा-बसपा गठंधन मुस्लिम सियासत को खत्म करने की साजिश'
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राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में बने सपा-बसपा गठबंधन से मुस्लिम नेतृत्व वाले सियासी दलों को दूर रखने पर नाराजगी जताई है. कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने मंगलवार को कहा कि मुसलमानों के लिए यह ठगबंधन है. उन्होंने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन मुस्लिम राजनीतिक नेतृत्व को खत्म करने की साजिश है.

उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन को मुस्लिम समाज का वोट चाहिए तो उन्हें 16 सीटों की हिस्सेदारी भी दें. वे मंगलवार को हीवेट रोड स्थित ओलमा कौंसिल के दफ्तर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सियासी दल सेकुलरिज्म के नाम पर मुस्लिम समाज को हमेशा गुलाम बनाए रखना चाहती है. मुसलामानों ने परंपरागत तरीके से सपा-बसपा को वोट दिया है और सेकुलरिज्म की बुनियाद को मजबूत किया है. इसके बावजूद मुस्लिम नेतृत्व वाले दलों को गठबंधन से दूर रखना उनके प्रति दुर्भावना हैं.

रशादी ने कहा कि अगर गठबंधन में मुस्लिम नेतृत्व वाले दलों को शामिल नहीं किया जाता तो वे समान विचारधारा वाले दलों के साथ तीसरा विकल्प तैयार करेंगे. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर शिवपाल यादव बात करेंगे तो उनसे बात की जा सकती है.

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