यूपी का बजट: CM योगी ने गौवंशों के लिए भी खोला खजाना, इतने करोड़ का प्रावधान
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प्रदेश की योगी सरकार ने गुरुवार को अपना तीसरा बजट पेश किया गया. चुनावी वर्ष के इस बजट में सरकार ने जहां सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है, वहीं गौवंशों पर खास ध्यान दिया गया है. वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेश का सबसे बड़ा बजट पेश करते हुए अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में गौवंश संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. पशु पालन एवं दुग्ध विकास के अलावा अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जा रहा है.

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में मदिरा की बिक्री पर विशेष फीस लगाई गई है, जिससे प्राप्त होने वाले राजस्व करीब 165 करोड़ रुपये का उपयोग प्रदेश के निराश्रित एवं बेसहारा गौवंश के भरण-पोषण के लिए किया जाएगा.

बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में गौवंश के रख-रखाव और गौशाला निर्माण कार्य के लिए 247.60 करोड़ रुपये और शहरी क्षेत्रों में कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. पंडित दीन दयाल उपाध्याय लघु डेयरी योजना के संचालन के लिए 64 करोड़ रुपये की व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत 10 हजार इकाईयों की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है.

मथुरा में नई डेयरी की स्थापना के लिए 56 करोड़ रुपये की बजट की व्यवस्था है. उत्तर प्रदेश दुग्ध नीति 2018 के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था है. साथ ही दुग्ध संघों और समितियों का सुदृढ़ीकरण, पुनर्गठन एवं विस्तारीकरण, कृषक परिक्षण, तकनीकी निवेश, पशु प्रजनन, स्वास्थ्य कार्यक्रम योजनाओं के लिए 93 करोड़ की व्यस्था है. इसके अलावा कांजी हाउस की स्थापना एवं पुनर्निर्माण कराए जाने के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

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