सहारनपुर में शराब की हर घुट बनी मौत, इंस्पेक्टर समेत 10 पुलिसकर्मी निलंबित
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सहारनपुर जिले के नागल, गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के कई गांवों में जहां देर रात जहरीली शराब पीने से अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 30 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं. वहीं कई लोगों की हालत मेडिकल अस्पताल मेरठ में नाजुक बनी हुई है. इस बड़ी लापरवाही पर एसएसपी दिनेश कुमार ने नागल थाना प्रभारी सहित दस पुलिसकर्मी और आबकारी विभाग के तीन इंस्पेक्टर व दो कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए हैं.

एसएसपी ने बताया कि नागल थाना प्रभारी हरीश राजपूत, एसआई अश्वनी कुमार, अय्यूब अली और प्रमोद नैन के अलावा कांस्टेबल बाबूराम, मोनू राठी, विजय तोमर, संजय त्यागी, नवीन और सौरव को सस्पेंड कर दिया गया है। आबकारी के सिपाही अरविंद और नीरज भी निलंबित किए गए हैं.

बता दें कुशीनगर के तरयासुजान थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने वाले पांच और लोगों की गुरुवार को मौत हो गई. बुधवार को भी पांच लोगों की मौत हुई थी. प्रशासन ने इस मामले में थानेदार और आबकारी निरीक्षक समेत नौ लोगों को सस्पेंड कर दिया है. कच्ची शराब बेचने वालों पर मुकदमा दर्ज कर एक कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है. उधर शुक्रवार को सहारनपुर के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई. मामले अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस अभी जांच की बात कर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दे रही है.

गौरतलब है कि जहरीली शराब की बिक्री को रोकने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की होती है. लेकिन देखा गया है कि राज्य में अवैध शराब माफियाओं का हौसला हमेशा बुलंद ही रहता है. अखिलेश सरकार में उन्नाव और लखनऊ में जहरीली शराब पीने से 33 लोगों की मौत हो गई थी. उस वक्त भी कार्रवाई की बात कही गई थी.

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