कांग्रेस के प्रत्याशी प्रमोद कृष्णम् का नामांकन
प्रमोद कृष्णम् का नामांकन


लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 में लखनऊ से कांग्रेस के प्रत्याशी कल्कि धाम अमरोहा के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् नेे अपना नामांकन पत्र दाखिल कघ्यिाा। लखनऊ में छह मई को मतदान होना है और आज नामांकन की अंतिम तिथि है। आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने आज लखनऊ में हनुमान सेतु पर बजरंग बली के मंदिर में मत्था टेका। इसके बाद नामांकन करने कलेक्ट्रेट पहुंचे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम् को कांग्रेस ने मंगलवार शाम को प्रत्याशी घोषित किया था। आज उनके नामांकन जुलूस में कम्प्यूटर बाबा के साथ दर्जनों साधु-संत लखनऊ पहुंचे हैं। इससे पहले आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने भाजपा को आड़े हाथों लिया। यूपी का सपा-बसपा गठबंधन भी उनके निशाने पर रहा। उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव में दो विचार धाराओं की लड़ाई है। एक विचारधारा देश के वातावरण में नफरत पैदा करना चाहती है। दूसरी देश को एकता सूत्र में बांधना चाहती है।प्रमोद कृष्णम् उम्मीदवार घोषित होने के बाद कल शाम यूपी कांग्रेस कमेटी कार्यालय आए। उन्होंने राजनाथ को लेकर बिना उनका नाम लिए द्रोपदी के चीरहरण प्रसंग सुनाकर कहा कि देश में जुल्म हो रहा है और वह मौन हैं। प्रमोद कृष्णम् ने कहा राम मंदिर न बनाकर संतों को ठगा गया। धारा 370 न हटाकर जनता से वादाखिलाफी की गई। कहा कि पिछले पांच साल में भाजपा की सरकार और उसके नेताओं ने देश को कभी गंगा, कभी अयोध्या और कभी गाय के नाम पर धोखा दिया है। चुनाव आयोग के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे तक कुछ भी बोलने पर पाबंदी लगाए जाने पर प्रमोद कृष्णम ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के बोलने पर पाबंदी लगा दी जाए तो उनकी भाषा कितनी मृदुल होगी। यह दुखद है फिर भी निवेदन करूंगा कि सत्ता छोटी और मर्यादा बड़ी होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने को पिछड़ा बताया। इस पर आचार्य कृष्णम् ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री पिछड़े हैं तो अगड़ा कौन होता है। 


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