क्या था गेस्ट हाउस कांड, सपा कार्यकर्ताओं ने मायावती को बनाया था बंधक और फिर...
फाइल फोटो


सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है बताया जा रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती बैकफुट पर आ गईं हैं, उन्होंने गेस्ट हाउस कांड में दर्ज कराये गये मुकदमे वापस ले लिये हैं। ये मुकदमा मुलायम सिंह यादव के खिलाफ दर्ज किया गया था। हालांकि बताया जा रहा है कि इसकी पुष्टि बसपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने कर दी है लेकिन बहुत से लोगों को इस गेस्ट हाउस कांड के बारे में नहीं पता। 


आखिर क्या हुआ था गेस्ट हाउस कांड में

आज से करीब 24 साल पहले की बात है और उस घटना को आज भी बसपा सुप्रीमो मायावती भुला नहीं पाई हैं। इस घटना में मायावती की जान खतरे में थी, लेकिन ऐन वक्त पर भाजपा नेता लाल जी टंडन ने वहां पहुंचकर उन्हें बचाया था। बता दें कि उस वक्त मौजूदा डीजीपी ओपी सिंह लखनऊ के एसएसपी थे। मायावती ने भाजपा के समर्थन से सरकार बनते ही उन्हें निलंबित कर दिया था।

Image result for guest house scandal"


जब कमरे में मायावती ने खुद को बंद कर लिया था

बता दें, कि साल 1993 के यूपी चुनाव में बसपा और सपा में गठबंधन हुआ था। जिसकी बाद में जीत हुई। मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री बने, लेकिन आपसी खींचतान के चलते 2 जून 1995 को बसपा ने सरकार से समर्थन वापसी का एलान कर दिया। इससे मुलायम सरकार अल्पमत में आ गई। इससे नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने सांसद, विधायकों के नेतृत्व में लखनऊ के मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस का घेराव कर शुरू कर दिया, घंटों ड्रामा चला। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बाद में भाजपा के हस्तक्षेप और मामला राजभवन पहुंचने पर पुलिस सक्रिय हुई।



बता दें कि उस बवाल को देखते हुए बसपा सुप्रीमो वहां कमरा नंबर- 1 में रुकी हुईं थीं। उनके साथ बसपा विधायक और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने बसपा के लोगों से मारपीट कर उन्हें बंधक बना लिया। मायावती ने खुद को बचाने के लिए कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इस बीच सपा के दबंग विधायक एक-एक कर बसपा के विधायकों को उठाकर अगवा करने लगे। गेस्ट हाउस के बाहर खड़ी फोटोग्राफरों ने इसे कैमरे में कैद किया और बाद में सीबीसीआईडी ने इसे बतौर सुबूत इस्तेमाल किया।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं)

अधिक राज्य की खबरें