अयोध्या राम जन्मभूमि केस : पुलिस अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, हर जिले में अस्थायी जेलें बनाने के निर्देश 
बता दें की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद उम्मीद है कि 13 से 15 नवंबर के बीच फैसला कभी भी आ सकता है.


लखनऊ : अयोध्या के राम जन्मभूमि और बाबरी विंध्वस मामले में फैसले की घड़ी करीब आ चुकी है. बता दें की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद उम्मीद है कि 13 से 15 नवंबर के बीच फैसला कभी भी आ सकता है. जिसके मद्देनजर शासन ने प्रदेश में चौकसी बढ़ा दी है. पुलिस के सभी आलाधिकारियों की छुट्टी 15 दिसम्बर तक निरस्त कर दी गई है और सभी जिलों में अस्थाई जेलें बनाने का निर्देश दे दिया गया है.

कंट्रोल रूम संचालित करने के निर्देश
गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग कर प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों से बात की. उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश स्तर पर एक कंट्रोल रूम और सभी जिलों में एक-एक कंट्रोल रूम तत्काल प्रभाव से संचालित किया जाए. ये कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेंगे. किसी भी आपात स्थिति के लिए लखनऊ और अयोध्या में एक-एक हेलिकॉप्टर की तुरंत व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये.

हर जिले में बनेगी अस्थायी जेलें
जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर हर जिले में अस्थायी जेल बनाने की तैयारी है. अयोध्या से सटे जिलों में सर्वाधिक जेलें बनाई जाएंगी. इसके लिए ज्यादातर स्कूलों को चुना गया है. अंबेडकरनगर में आठ अस्थायी जेल बना दिए गए हैं. अयोध्या और उसके आस-पास सुरक्षबलों की कम से कम 50 कंपनियों की तैनाती होगी. जबकि राज्य के अन्य जिलों में सुरक्षाबलों की 70 कंपनियां तैनात रहेंगी.

​​अयोध्या के आस-पास के सभी रास्ते सील
फैसले की घडी आने को है. इससे पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अयोध्या में राम जन्मभूमि जाने वाले सभी मार्गों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. साथ ही टेढ़ी बाजार से दोपहिया और चार पहिया वाहनों को भी रोक दिया गया है. अब सघन चेकिंग के बाद ही यात्री और श्रद्धालु राम नगरी की तरफ पैदल प्रवेश कर पा रहे हैं.

RAF और ATS  सतर्क 
उधर संभावित फैसले को लेकर प्रदेश के एडीजी अभियोजन आशुतोष पांडे ने अयोध्या पहुंचकर कमान संभाल ली है. अयोध्या की सुरक्षा को लेकर एडीजी अभियोजन आशुतोष पांडे ने सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की. अयोध्या की सुरक्षा में सिविल पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ को लगाया गया है. इसके साथ ही एटीएस भी अयोध्या पर नजर रख रही है. खुफिया एजेंसी को सतर्क रखा गया है. ड्रोन कैमरे से अयोध्या की निगरानी की जा रही है.

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