वाराणसी : लॉकडाउन में भूख से तड़प रहे वृद्ध को खाकी ने दिया सहारा  
भूख से तड़प रहे वृद्ध


वाराणसी : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन की अवधि में 'खाकी' का नया मानवीय चेहरा लगातार सामने आ रहा है। इन दिनों में पुलिसकर्मी सामाजिक कार्यकर्ता और समाज के अभिभावक के रूप में गरीब और जरूरतमंदों के बीच सीधे पहुंच रहे हैं। पुलिसकर्मी उनके बीच न केवल राशन बांट रहे हैं बल्कि उनके लिए खाना तैयार कराकर भी पहुंचा रहे हैं।


सोमवार को इससे बढ़कर नजारा रामनगर के सूजाबाद में देखने को मिला। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से भटक रहे मानसिक रूप से विक्षिप्त जैसे व्यक्ति को भूख से तड़पते देख सूजाबाद चौकी प्रभारी आशीष मिश्र पसीज गये। व्यक्ति को पुलिस चौकी पर लाने के बाद दरोगा ने पहले उसे भरपेट नाश्ता करा पानी पिलाया। फिर एक व्यक्ति की मदद से उसके बढ़े बाल और दाढ़ी को कटवाने के बाद स्नान करवाया। इसके बाद नये वस्त्र पहनवा कर उसे खाना खिलाया। 


चौकी इंचार्ज ने उससे घर वालों के बारे में पूछा तो 60 वर्षीय वृद्ध ने अपना नाम भैयालाल बताया। इसके बाद परिजनों के बारे में कुछ भी नहीं बता पाया। मानवता दिखाते हुए चौकी इंचार्ज ने यहां पोस्टिग रहने तक उस व्यक्ति के नियमित भोजन का जिम्मा भी लिया। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि वृद्ध पिछले कुछ दिनों से इधर-उधर भटक रहा था। लोग उसको कोरोना का संदिग्ध मान उसे अपने पास भी नहीं फटकने दे रहे थे। ऐसे में वह पांच दिन से भूख से तड़प रहा था। चौकी प्रभारी की नजर पड़ी तो उन्होंने मानवता की मिसाल पेश कर उसे भोजन कराया और नये वस्त्र भी पहनाया।

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