एसजीपीजीआई में मधुमेह पर आयोजित होगी दो दिवसीय कार्यशाला
किसी भी चिकित्सक को विश्व में होने वाले समस्त रोगों की चिकित्सा उपचार निदान व पैथोफजियोलाॅजी के बारे में नवीनतम सूचनाओं से अवगत होना सम्भव नहीं है।


लखनऊ : संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के इण्डोक्राइनोलाॅजी विभाग द्वारा मधुमेह पर दो दिवसीए कार्यशाला का आयोजन 18 एवं 19 मार्च को संस्थान के टेलीमेडिसिन प्रेक्षाग्रह में किया जा रहा है। किसी भी चिकित्सक को विश्व में होने वाले समस्त रोगों की चिकित्सा उपचार निदान व पैथोफजियोलाॅजी के बारे में नवीनतम सूचनाओं से अवगत होना सम्भव नहीं है। इसी कारण समय-समय पर ऐसी चिकित्सीय अपडेटों का आयोजन किया जाता है, जिससे विभिन्न रोग जैसे मधुमेह, मोटापा, आॅसटियोपरोसिस अथवा थायराइड ग्रन्थियों के रोग जो हमारे समाज में तेजी से फैल रहे हैं का समुचित प्रबन्धन का ज्ञान अर्जित किया जा सके। 

भारत विश्व में, मधुमेह राजधानी के नाम से जाना जाता है, परन्तु खेद का विषय है कि भारत में इस रोग से निपटने के लिए समुचित संसाधन अभी भी उपलब्ध नहीं है। चिकित्सक को ही मधुमेह का नियन्त्रण एवं मधुमेह से उपजी अन्य जटिलताओं के प्रबन्धन के लिए प्रयास करना पड़ता है। साथ ही साथ मोटापा रोग भी समाज में काफी बढ़ गया है जिसके प्रति भी रोगियों का ध्यान आकर्षित करने का कार्य चिकित्सक को ही करना पड़ता है। 

इसी तरह बच्चों में टाइप-1 मधुमेह, थायराइड विकार, नाटापन एवं रिकेट जैसे बीमारियों के निदान एवं चिकित्सा हेतु प्रशिक्षित जनशक्ति एवं संसाधनों की भी कमी है। पीजीआई में आयोजित चिकित्सीय अपडेट की योजना एवं डिजाइन इस प्रकार तैयार की गई है जिससे चिकित्सक, सामान्य फिजीशियन, बालरोग विशेषज्ञ, चिकित्सीय स्नातकोत्तर विद्याथियों के लिए मधुमेह एवं अन्य रोगों के उपचार व निदान के नवीनतम तकनीक से अवगत कराया जायेगा। 

इस अपडेट में लेक्चर और डिबेट के अलावा केस प्रस्तुति होगी। जिस पर क्लीनिकल डायग्नोसिस एवं मधुमेह, थायराइड विकार, मोटापा, प्रजनन सम्बन्धी विकार, आॅसटियोपरोसिस एवं अन्य अस्थि - रोगों तथा बाल रोगों को लेकर कार्यशाला में विशेष चर्चा होगी। पीजीआई चण्डीगढ़ के डा. संजय भडाडा, अमृता इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस, कोच्चि के डा. प्रवीन वीपी तथा एम्स नई दिल्ली के डा. रजनी शर्मा इस अपडेट में विशेष अतिथि व्याख्यान भी प्रस्तुत करेंगे।

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