तीन सौ पच्चीस विधायकों में से कोई भी मुख्यमंत्री व डिप्टी सीएम लायक नहीं
गहन मंथन और गहमा गहमी के बाद भाजपा को उत्तर प्रदेश के लिए एक अदद मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री मिल गये।


लखनऊ : करीब आठ दिन के गहन मंथन और गहमा गहमी के बाद शनिवार देर शाम भाजपा को उत्तर प्रदेश के लिए एक अदद मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री मिल गये। हालांकि इन तीनों में से कोई भी विधायक नहीं है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में राज्य की जनता ने भाजपा को प्रचंड जनादेश दिया। जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए कुल 403 सीटों वाली विधानसभा के लिए भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 325 विधायक चुनकर दिये। लेकिन, जब बारी इन विधायकों को अपना नेता चुनने की आयी तो 325 जनप्रतिनिधियों में नेता सदन (मुख्यमंत्री) लायक कोई न मिल सका। इन सब में सीएम के दो नायब (डिप्टी सीएम) बनने की भी काबिलियत न दिखी। 

तीनों प्रमुख नेताओं को सदन के बाहर से आयात करना पड़ा है। दरअसल भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया है। वह गोरखपुर से सांसद हैं। इसी तरह उपमुख्यमंत्री प्रथम के लिए मनोनीत केशव प्रसाद मौर्य भी सांसद हैं जबकि उपमुख्यमंत्री द्वितीय बनाये गये डा0 दिनेश शर्मा लखनऊ के महापौर हैं। इन तीनों में से कोई भी उत्तर प्रदेश विधान मंडल (विधानसभा और विधान परिषद) के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 मार्च को आ गये थे। चुनाव में भाजपा एवं सहयोगी दलों को प्रचंड बहुमत के साथ 325 सीटें मिली। 

चुनाव परिणाम आने के बाद से ही प्रदेश के नये मुख्यमंत्री को लेकर भाजपा नेतृत्व में गहन मंथन चल रहा था। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा से लेकर पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन राम लाल, प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य, मथुरा के नवनिर्वाचित विधायक श्रीकांत शर्मा तक कई नाम आये। शुक्रवार रात तक तो ऐसा समीकरण बना कि मनोज सिन्हा ही प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। लेकिन, शनिवार सुबह जब गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ को विशेष वायुयान से दिल्ली बुलाया गया तो थोड़ी ही देर में सारे समीकरण बदल गये। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद योगी सीधे लखनऊ पहुंच गए। 

यहां लोकभवन में पार्टी विधायकों की जो बैठक पांच बजे बुलाई गई थी, वह करीब योगी के पहुंचने के बाद करीब छह बजे प्रारम्भ हुई। बैठक के बाद करीब सात बजे पर्यवेक्षक के रूप में यहां आये केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी के विधायकों ने योगी आदित्यनाथ को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया है। नायडू ने आगे बताया कि विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने अपने लिए सहायक के रुप में दो उपमुख्यमंत्रियों की इच्छा व्यक्त की। फिर बैठक के दौरान ही पार्टी अध्यक्ष से बात करने के बाद प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य को उपमुख्यमंत्री प्रथम और डा0 दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री द्वितीय मनोनीत किया गया। 

उन्होंने बताया कि रविवार को अपराह्न 2.15 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। साथ में दोनों उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे। उन्होंने आगे बताया कि मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों के नाम का चयन योगी आदित्यनाथ की राय से तय किया जायेगा। श्री नायडू के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह में कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा भाजपा एवं सहयोगी दलों के शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे।

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