ईवीएम से ही होंगे उप्र में निकाय चुनाव, मप्र से आयेंगी मशीनें
भारत निर्वाचन आयोग ने उनके पत्र का संज्ञान लेते हुए आवश्यकतानुसार ईवीएम का आवंटन कर दिया है।


लखनऊ : उत्तर प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव बैलेट से नहीं बल्कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से कराये जायेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आवश्यकतानुसार ईवीएम का आवंटन कर दिया गया है। अब नगरीय निकाय के चुनाव में नगर निगम के महापौर और पार्षदों का चुनाव ईवीएम से ही कराया जायेगा। 

दरअसल ईवीएम पर छिडी बहस के बीच उत्तर प्रदेश में बैलेट पेपर से निकाय चुनाव कराने का मामला उस समय उठा जब कुछ दिनों पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने ईवीएम की अनुपलब्धता की स्थिति में बैलेट पेपर से निकाय चुनाव कराने की बात कही थी। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग ने 31 मार्च को भारत निर्वाचन आयोग को एक पत्र भी लिखा था। 

राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने सोमवार को यहां बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उनके पत्र का संज्ञान लेते हुए आवश्यकतानुसार ईवीएम का आवंटन कर दिया है। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग को लिखा है कि मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के यहां पर्याप्त संख्या में ईवीएम उपलब्ध हैं। उप्र राज्य निर्वाचन आयोग अपनी आवश्यकतानुसार मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से सम्पर्क कर ईवीएम मंगा लें। 

उप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने ईवीएम की 25 हजार कंट्रोल यूनिट तथा 50 हजार बैलेट यूनिट की मांग की थी। एसके अग्रवाल ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग से मिले पत्र के बाद मध्य प्रदेश के विभिन्न जनपदों से ईवीएम मंगाने की कार्यवाही शुरु कर दी गई है। 

गौरतलब है कि उप्र में नगरीय निकायों का चुनाव 15 जुलाई से पहले होना है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारियां तेज कर दी है। चूंकि इस बार का निकाय चुनाव वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार होना है। इसलिए आयोग ने वार्डों के परिसीमन और आरक्षण का कार्य भी प्रत्येक दशा में 25 मई तक पूर्ण करा लेने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए नगर विकास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पूर्व में ही पत्र लिखे जा चुके हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी आठ अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से इस संबंध में जायजा लिया था। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नगरीय निकाय चुनाव को तय समय में पूरा कराने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद वार्डों के परिसीमन का कार्य युद्धस्तर पर प्रारम्भ कर दिया गया है। 

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