39 साल से गायब है सेन्ट्रल जेल का कैदी, यह कैसी पैरोल
39 साल से गायब है सेन्ट्रल जेल का कैदी, यह कैसी पैरोल


बरेली: योगी सरकार उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए एक के बाद एक सख्त कदम उठा रही है। वैसे तो नई सरकार को सिर्फ तीस दिन ही हुए है। मगर ऐसा कोई विभाग नहीं है जोकि सीएम योगी की नजर से बचा पाया हो। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि सरकार बनने के आगामी 35 दिनों में लंबे समय से पैरोल से फरार कैदी वापस जेल में होंगे। सरकार बनने के साथ ही सीएम योगी एक्टिव हो गए और हर विभाग को नई सख्त गाइड लाइन्स जारी करने के साथ आदेशों के पालन कराने में कोई कोताही न बरतने का भी फरमान सुना दिया।
नई सरकार ने पैरोल उल्लंघनकर्ताओं पर संज्ञान लिया तो कारागार विभाग कार्यवाही के मूड में आ गया। आला अधिकारियों का दबाव बड़ा तो लगभग 15 साल से एक हत्या के मामले में उम्र कैद सजा याफ्ता शाहजहांपुर निवासी वीरपाल जिसके ठिकाने का 2002 से किसी को पता नहीं लग पा रहा था सोमवार को बरेली सेंट्रल जेल आकर खुद  आत्मसमर्पण कर दिया। जेल अधीक्षक ने बताया कि वीरपाल अपने जन्म स्थान के आसपास छिपा था और स्थानीय पुलिस के दबाव में उसने बरेली सेन्ट्रल जेल आकर आत्मसमर्पण कर दिया है।
मगर अभी भी बरेली सेंट्रल जेल के दो कैदी ऐसे है जोकि काफी लंबे समय से पैरोल के बाद से फरार है। दोनों कैदी हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा याफ्ता हैं जिसमे से एक लगभग 4 दशक और दूसरा लगभग 3 दशक से फरार चल रहा है जिनके ठिकानो का किसी को अभी तक पता नहीं लग पाया है।
 
जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि चन्द्रपाल यादव पुत्र चेतराम इचली थाना कोतवाली देहात सहारनपुर का निवासी जिसका बर्तमान पता उसेडा थाना गुलाबरी बुलंदशहर के तौर पर सेंट्रल जेल में दर्ज है को कमांडिंग अधिकारी 8 माउंटेन डिवीजन सिंगल रेजिमेंट द्वारा 18.10.1974 को धारा 302 आर्मी एक्ट के वाद में मृत्युदंड से दंडित किया गया था। 06.03.1976 में डिप्टी सेक्रेटरी भारत सरकार ने अपनी प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया था। यह कैदी 14.05.1976 को केंद्रीय कारागार इंफाल मणिपुर से बरेली सेंट्रल जेल में निरूद्ध हुआ था। दो माह के पैरोल के बाद से अब तक फरार चल रहा है। जिसको लगभग 39 साल हो गए है।
 
साथ ही बताया कि कामेश्वर पुत्र श्यामसरन जोकि परियाली सराय थाना कोतवाली जनपद बदायूं का निवासी है को बदायूं सत्र न्यायालय द्वारा धारा 302 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास से दण्डित किया गया था। उक्त निर्णय के विरुद्ध  उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दायर क्रिमिनल अपील के निर्णय में बंदी की सजा बहाल रखी गई थी। उक्त बंदी केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ से स्थानांतरित होकर बरेली कारागार में दिनांक 29.02.1987 को निरुद्ध हुआ था। तीन माह की पैरोल के बाद से अब तक गायब चल रहा है। जिसको लगभग 27 साल हो चुके हैं।
जेलर का कहना
जेल अधीक्षक पी एन पांडेय का कहना है कि जब से कैदी फरार है तब से निरंतर उनकी गिरफ्तारी के लिए संबंधित पुलिस के प्राधिकारी अधिकारियों से अनुरोध किया जा रहा था। पुनख्या जो नया अभियान चलाया जा रहा है पुलिस प्रशासन द्वारा पैरोल से गायब कैदियों के गिरफ्तारी के लिए इसमें पुन पत्राचार किया गया है उसमें आवश्यक कार्यवाही प्रगति पर है इसकी सूचना प्राप्त हुई है।

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