भाजपा शासित राज्यों में किसानों पर हो रहा जुल्म : मायावती
मायावती ने कहा मध्य प्रदेश के किसानों पर की गई फायरिंग और उसमें छह किसानों की हुई मौत बेहद ही निन्दनीय है।


लखनऊ :  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में किसान वर्ग की घोर अनदेखी करते हुये उनके साथ काफी ज्यादा भेदभाव व जुल्म-ज्यादती की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस वजह से ख़ासकर मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र आदि राज्यों में वह अपनी मांगों के समर्थन में आन्दोलन करने पर मजबूर हैं और पुलिस की लाठियां भी खा रहे हैं। इस कड़ी में मध्य प्रदेश के किसानों पर की गई फायरिंग और उसमें छह किसानों की हुई मौत बेहद ही निन्दनीय है।
 
बसपा अध्यक्ष यहां प्रदेश मुख्यालय में आयोजित वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में बोल रहीं थी। इस बैठक में उन्होंने संगठन के जनाधार को लेकर पदाधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में कुछ किसानों के लिये जो मामूली कर्ज माफी की घोषणा भाजपा सरकार द्वारा की गई है, उसका थोड़ा भी लाभ यहां के किसानों को मिलता हुआ कहीं भी नजर नहीं आ रहा है। अन्य वायदों की तरह यह भी केवल कागजी घोषणा बन कर रह गई है।

सहारनपुर में असली भाजपाई षड़यंत्रकारी कानून के शिकंजे से बाहर
मायावती ने कहा कि इसके अलावा प्रदेश में शहरी निकाय के चुनाव को भाजपा सरकार ने अचानक तथा काफी मनमाने ढंग से जिस तरह अनिश्चितकाल तक के लिये आगे स्थगित कर दिया है, वह गलत है। उन्होंने कहा कि वहीं सहारनपुर की दुर्भाग्यपूर्ण जातीय घटना अभी तक नहीं थम पा रही है क्यांेकि भाजपा सरकार सही पीडि़तों के साथ न्याय नहीं कर पा रही हैं। असली भाजपाई षड़यंत्रकारी कानूनी शिकंजे से बाहर हैं और सरकारी संरक्षण में खुलेआम घूम रहे हैं जबकि उनका प्रतिरोध करने वाले लोगों पर पुलिस व प्रशासन अनेक प्रकार की सखि़्तयां कर रहा हैं।
 
न्यायपूर्ण नहीं रहा रवैया
मायावती ने कहा कि सहारनपुर का जातीय दंगा भी षड़यंत्र के तहत् कराया गया और इसके परिणामस्वरूप जो जान-माल की हानि हुई उस मामले में भी भाजपा सरकार किसी भी तबके के साथ न्याय नहीं कर पायी, जिससे दोनों ही तबकों में शासन-प्रशासन के खिलाफ रोष है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार का रवैया शुरूआत मेें ही न्यायपूर्ण होकर लचर व बैलेन्स करने वाला नहीं होता तो शब्बीरपुर का मामला कभी भी इतना तूल नहीं पकड़ता और ना ही कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी ज्यादा खराब होती और ना ही लोग पलायन करने को मजबूर होते।

मौके पर नहीं जाएं बसपा नेता-कार्यकर्ता
मायावती ने पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि जहां भी पार्टी के किसी भी वर्ग के लोगों पर ’’जुल्म-ज्यादती’’ की जानकारी मिले तो मदद के लिए मौके पर पहुंचने के बजाए वहां के सम्बन्धित सरकारी अधिकारियों से मिलकर न्याय दिलाने की कोशिश की जाए। इसके अलावा मीडिया को भी जानकारी दी जाए।
 
धरना-प्रदर्शन से दूर रहें बसपाई
उन्होंने कहा कि वरना यह सरकार अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए  सहारनपुर की घटना की तरह पीडि़तों की मदद करने वाले बसपा के लोगों को ही झूठे आरोप में प्रताडि़त व परेशान करना शुरू कर देगी। मायावती ने इसके साथ ही पार्टी के लोगों को धरना-प्रदर्शन से दूर रहने की हिदायत दी, उन्होंने कहा कि अपने लोगों को न्याय नहीं मिलने की स्थिति में ऐसे मामलों को विधानसभा में भी पार्टी विधायक उठायेंगे। वहीं जरूरत पड़ने पर पीडि़तों को कोर्ट में जाने की भी सलाह दी जाए।

अधिक राज्य की खबरें