यूपी में बाढ़ का कहर, कई गांव में तबाही का मंजर, खतरे के निशान से 8 से.मी ऊपर बह रही घाघरा
यूपी में बाढ़ का कहर, कई गांव में तबाही का मंजर, खतरे के निशान से 8 से.मी ऊपर बह रही घाघरा


बहराइच: बाढ़ का कहर उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लगातार जारी है. बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं, बहराइच के बौंडी इलाके में हर तरफ तबाही का मंजर दिख रहा है. लोगों के घर, खेतों में खड़ी फसलें व स्कूल बाढ़ के पानी में डूब गये हैं. लगातार बढ़ रहा जलस्तर लोगों की जान-माल पर कहर बरपा रहा है. अब भी घाघरा का पानी खतरे के निशान से आठ सेमी ऊपर बह रहा है. जलस्तर में उफान के कारण घाघरा की बाढ़ व कटान आपदा से तटवर्ती ग्रामीणों में खलबली मची हुई है. 
जलस्तर बढ़ने से महसी तहसील के दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है. हजारों बीघे लहलहाती फसलें बाढ़ के पानी से पट गयी हैं. बाढ़ व कटान से ग्रामीण हलकान हैं. लोग बेलहा बेहरौली तटबंध व स्कूलों में बैठ कर दिन काट रहे हैं. 
जलस्तर बढ़ने से महसी तहसील के पिपरी, पिपरा, कायमपुर, जर्मापुर, गोलागंज, टेपरी, तिलकपुरवा, नगेसरपुरवा, तारापुरवा, कोरिनपुरवा, जर्मापुर और शुकुलपुरवा आदि गांव पानी से घिर चुके हैं. घूरदेवी स्पर पर अपराह्न तीन बजे घाघरा का जलस्तर 112.240 मीटर रिकॉर्ड किया गया. यहां घाघरा लाल निशान से आठ सेमी ऊपर बह रही है.
 बहराइच के गांवों के बाढ़ के पानी से घिरने की सूचना पाकर तत्काल एनडीआरएफ कमांडर संजीव कुमार ने तीन मोटरबोटों की सहायता से बरुआ बेहड़ गांवों के करीब 300 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
 इस दौरान उन्होंने लोगों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया. बहराइच के डीएम अजयदीप सिंह व एडीएम संतोष राय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. इस दौरान डीएम ने गोलागंज, कायमपुर, पिपरा व पिपरी आदि गांवों के बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं. डीएम ने तत्काल तहसीलदार महसी राजेश कुमार मिश्र को निर्देशित किया कि हर बाढ़ पीड़ित को पन्नी, तिरपाल, लंच पैकेट, मुआवजा, राशन, मोमबत्ती और केरोसिन आदि मुहैया कराये जाये. डीएम ने लोगों को जल्द पुनर्वासित करने का आश्वासन दिया.
 इस दौरान तहसीलदार महसी ने गोलागंज गांव में नाव से पहुंच कर पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी. घाघरा नदी द्वारा बाढ़ के रूप में कहर बरपाना नयी बात नहीं. घाघरा का पानी हर वर्ष इसी तरह तेज बहाव के साथ कटान करते हुए लोगों के जान-माल को तबाह कर देता है. इसमे हर वर्ष कितनी जानें चली जाती हैं. 

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