योगी बुधवार से शुरू करेंगे जिलों का दौरा, कानून व्यवस्था की करेंगे समीक्षा
मुख्यमंत्री खासतौर पर कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बिजली के मुद्दों पर समीक्षा करेंगे.


लखनऊ : उत्तर प्रदेश के जिलों की जमीनी हकीकत जानने और सरकारी योजनाओं का जनता को हो रहे लाभ का आकलन करने के मकसद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार से राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा शुरू करेंगे.

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने मंगलवार को कहा, 'प्रथम चरण में मुख्यमंत्री अपने दौरे की शुरुआत गोरखपुर से करेंगे. इस दौरान वह महराजगंज, बलिया और सिद्धार्थनगर समेत पूर्वांचल के कुछ जिलों में भी जाएंगे.' उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नौ अगस्त को गोरखपुर जाएंगे. इसके बाद दस अगस्त को महाराजगंज और सिद्धार्थनगर, 11 अगस्त को बलिया और 12 अगस्त को इलाहाबाद जाएंगे.

त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री खासतौर पर कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बिजली के मुद्दों पर समीक्षा करेंगे. इन दौरों का मकसद जिलों की जमीनी हकीकत जानना है.

उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री बारी-बारी से सभी जिलों में जाएंगे और इस दौरान जनता से मुलाकात करके उनकी बातें भी सुनेंगे. इस प्रवास में वह जिले के कार्यकर्ताओं से भेंट भी करेगें.' प्रवक्ता ने कहा कि सरकार बनने के महज चार महीने बाद ही जिलों के दौरों पर निकलने का मुख्यमंत्री का फैसला ऐतिहासिक और सराहनीय है. इन दौरों से विकास योजनाओं के साथ ही साथ जनकल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा हो सकेगी.

अधिकारियों की जनता के प्रति रवैये की होगी जांच
उन्होंने कहा कि यही नहीं अधिकारियों के जनता के प्रति रवैये की भी जांच पड़ताल की जा सकेगी. मुख्यमंत्री ने बिना किसी भेदभाव और पूर्वाग्रह के सभी अधिकारियों को काम करने का समान अवसर मुहैया कराया. यद्यपि इसका जनता को कितना लाभ मिला, ये जानने के लिए खुद मुख्यमंत्री जनता के बीच जा रहे हैं. त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री का ये दौरा उन अधिकारियों पर भारी पड़ेगा जो आम जनता की सुनवाई में लापरवाही कर रहे हैं. साफ है कि मुख्यममंत्री के इन दौरों का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा.

'सीएम देखेंगे कि लोगों को कितना हो रहा योजनाओं का लाभ' 
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता दरबार के जरिये लगभग हर रोज आम लोगों की समस्याएं सुनी हैं. चार महीनों के दौरान उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की भी कोशिश की है. यही नहीं लोक कल्याण संकल्पपत्र के कई वायदों को पूरा करने का काम भी सरकार ने किया है. तमाम विकास योजनाएं और जनकल्याण योजनाएं भी आम लोगों के हित में शुरू की गई. त्रिपाठी ने कहा कि अब जिलों के दौरे करके मुख्यमंत्री खुद यह जानेंगे कि आम जनता को इन योजनाओं का कितना लाभ मिल रहा है और अधिकारियों के सामने उनकी सुनवाई हो रही है या नहीं.

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