बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो शिप से एक प्रोजेक्टाइल टकराया जिससे शिप में आग लग गई.
नई दिल्ली : दुनिया में क्रूड ऑयल सप्लाई का अहम रूट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बुधवार को तीन हमले हुए हैं. इस हमले में एक कार्गो शिप में आग लग गई है और ये शिप इस संकरे रास्ते पर धधक रहा है. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) की रिपोर्ट के अनुसार होर्मुज में जहाजों और कार्गो शिप को निशाना बनाने की तीन घटनाएं हुई है. जहां अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो शिप से एक प्रोजेक्टाइल टकराया जिससे शिप में आग लग गई. देखते ही देखते ये शिप धधक उठा होर्मुज स्ट्रेट में समंदर की चौड़ाई मात्र 33 किलोमीटर रह जाती है, लेकिन इसका ऑपरेशनल हिस्सा मात्र 11 किलोमीटर है जहां से जहाज आ जा सकते हैं. समंदर के बाकी हिस्सों की गहराई कम है, और वहां से बड़े जहाज नहीं गुजर पाते हैं.
इसलिए इस संकरे जगह को काफी खतरनाक माना गया है. ताजा हमले की वजह से तेल संकट और भी बढ़ने की आशंका है. पिछले 72 घंटे में इस रूट से दूसरे देशों के मात्र 2 टैंकर ही गुजर सके हैं. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार 11 मार्च को तीन शिप पर हमला किया गया है.
तेल का संकट और बढ़ने की आशंका
तीन कार्गो जहाजों पर प्रोजेक्टाइल हमले के बाद बीमा कंपनियों ने युद्ध जोखिम कवरेज रोक दिया है जिससे बड़े शिपिंग कंपनियां जैसे मर्स्क और सीएमए सीजीएम ने पूरी तरह ऑपरेशन सस्पेंड कर दिए हैं. पहले फरवरी के अंत में रोजाना सैंतीस टैंकर गुजरते थे लेकिन अब ट्रैफिक शून्य के करीब पहुंच गया है और डेढ़ सौ से ज्यादा जहाज बाहर लंगर डाले खड़े हैं.
इससे सऊदी अरब यूएई इराक और कुवैत जैसे देशों का तेल निर्यात रुक गया है जिससे वैश्विक बाजार में रोजाना बीस प्रतिशत तेल की कमी पैदा हो रही है. तेल की कीमतें पहले ही सौ डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुकी हैं और अगर यह स्थिति हफ्तों तक चली तो एशिया यूरोप और भारत जैसे आयातक देशों में भारी कमी पड़ेगी क्योंकि वैकल्पिक रास्ता अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप से जाना पड़ रहा है जो यात्रा को कई हफ्ते लंबा कर देता है और लागत बढ़ा देता है.
साथ ही एलएनजी सप्लाई भी प्रभावित होने से गैस की कीमतें दोगुनी हो गई हैं जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.