नई दिल्ली : भारत के पड़ोसी देश नेपाल पर ईरान और इजराइल की जंग का बखूबी असर दिखने लगा है. नेपाल सरकार ने एक झटके में पेट्रोल-डीजल सहित एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए हैं. नेपाल में अब पेट्रोल 31 रुपये लीटर तो डीजल 54 रुपये लीटर महंगा हो गया है, जबकि एलपीजी सिलेंडर के दाम भी 296 रुपये बढ़ गए हैं. नेपाल ऑयल निगम ने रविवार देर रात तक बैठक के बाद पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है.
नेपाल ऑयल निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दुनियाभर में तेल का संकट बढ़ता जा रहा है. देश में भी तेल की सप्लाई पर इसका गंभीर असर पड़ा है. लिहाजा रविवार रात 12 बजे से ही पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ी हुई कीमतें लागू कर दी गई हैं. बढ़ोतरी के तहत पेट्रोल की कीमत 31 रुपये लीटर, डीजल 54 रुपये लीटर और एलपीजी सिलेंडर 296 रुपये महंगा कर दिया गया है.
अब किस भाव बिक रहा ईंधन
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद नेपाल में पेट्रोल का रेट 188 रुपये लीटर पहुंच गया है तो डीजल 196 रुपये लीटर के भाव पहुंच गया है. एलपीजी सिलेंडर का रेट भी बढ़कर 2,126 रुपये हो गया है. निगम का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है और कीमतों को बढ़ाना जरूरी हो गया है. निगम ने यह भी कहा कि नेपाल खुद तेल का कोई उत्पादन नहीं करता, जिसकी वजह से ग्लोबल मार्केट में कीमतें बढ़ने से यहां सीधा असर दिखाई देता है. संकट की इस घड़ी में निगम को तेल कीमतों का भुगतान करने में दिक्कत आती है, जिसकी वजह से कीमतों में यह बढ़ोतरी की गई है.
पूरी तरह भारत पर निर्भर है नेपाल
नेपाल में आज तक कोई रिफाइनरी नहीं लगी है. लिहाजा अपनी ईंधन और तेल की जरूरतें पूरी करने के लिए यह पड़ोसी देश पूरी तरह भारत पर ही निर्भर है. नेपाल के ऑयल निगम ने भी भारतीय तेल कंपनी इंडियन ऑयल का आभार व्यक्त किया है. निगम ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में भी नेपाल को ईंधन सप्लाई सुचारू रखने के लिए इंडियन ऑयल का धन्यवाद. भारत हमेशा हमारे साथ खड़ा रहा है. आपको बता दें कि नेपाल में पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई 100 फीसदी भारत से ही की जाती है.