नई दिल्ली : ईरान युद्ध का असर अब भारतीय ग्राहकों पर भी दिखना शुरू हो गया है. एलपीजी संकट के बीच सरकार ने साफ ऐलान किया है कि जो उपभोक्ता उसके निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें बुकिंग के बावजूद सिलेंडर की सप्लाई नहीं की जाएगी. ईरान-इजराइल युद्ध की वजह से देश में भले ही पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है, लेकिन एलपीजी संकट जरूर दिख रहा है. ऐसे में केंद्र सरकार ने कालाबाजारी और ओवरबुकिंग को रोकने के लिए कुछ नियम बनाए हैं. सरकार ने साफ कहा है कि जो भी उपभोक्ता इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई भी नहीं की जाएगी.
सरकार के इस ऐलान के बाद उपभोक्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया है. केंद्र सरकार ने अब उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक-आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति दिख रही है. बताया जा रहा है कि उपभोक्ता इस नियम का पालन न करने पर सिलेंडर न खरीद पाने से भयभीत हैं. केंद्र सरकार ने बायोमेट्रिक-आधार सत्यापन के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है. इसमें कहा गया है कि सभी को बायोमेट्रिक-आधार सत्यापन करवाना होगा.
क्या है केंद्र सरकार का नया नियम
केंद्र ने घोषणा की है कि सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को एलपीजी सेवाओं और सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण या ई-केवाईसी पूरा करना होगा. आधार फेस आरडी एप्लिकेशन के साथ-साथ तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध होंगे. मंत्रालय ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया को स्मार्टफोन का उपयोग करके घर बैठे आसानी से पूरा किया जा सकता है. यह जरूरी प्रक्रिया है और इसे पूरा किए बिना सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी.
किसके लिए जरूरी होगा सत्यापन
केंद्र सरकार ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि बायोमेट्रिक-आधार सत्यापन एक नियमित अधिसूचना है. यह अधिसूचना सभी ग्राहकों के लिए अनिवार्य नहीं है. यह प्रक्रिया केवल उन ग्राहकों के लिए अनिवार्य है, जिन्होंने अभी तक बायोमेट्रिक-आधार सत्यापन नहीं कराया है. जिन ग्राहकों ने यह पहले ही करा लिया है, उन्हें दोबारा सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं है. नए निर्देश के तहत, एलपीजी उपयोगकर्ताओं को अपना आधार कार्ड लिंक करना होगा और बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से इसे प्रमाणित करना होगा.
कहां से करा सकते हैं सत्यापन
इस प्रक्रिया को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के ऐप अथवा ऑफिशियल वेबसाइट से सत्यापित कराया जा सकता है. होर्मुज जलडमरूमध्य में लगभग 3 लाख मीट्रिक टन एलपीजी फंसी हुई है, जिससे वैश्विक और भारतीय बाजारों में चिंता का माहौल है. अधिकारियों के अनुसार, इस स्थिति से आने वाले दिनों में गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. यही वजह है कि सरकार ने सिलेंडर की सप्लाई सुचारू करने के लिए ग्राहकों से आधार बायोमीट्रिक सत्यापन कराने का आग्रह किया है.