नई दिल्ली : वेस्ट एशिया में जारी सैन्य तनाव और संघर्ष ने दुनिया के ऊर्जा बाजार को गहरे संकट में डाल दिया है ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध की स्थिति बनने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली तेल और गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है. चूंकि, यह समुद्री मार्ग वैश्विक कच्चे तेल के परिवहन की जीवनरेखा है, इसके बाधित होने से दक्षिण एशियाई देशों में ईंधन की भारी कमी और कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी जा रही है.
पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे भारत के पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर इसका सीधा और नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. ‘ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज’ के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से अब तक दुनिया के 85 देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ चुकी हैं. आने वाले महीनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है, क्योंकि कई देश महीने के अंत में अपनी नई कीमतों की घोषणा करेंगे.
पाकिस्तान
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. ‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, सरकार ने 7 मार्च 2026 से पेट्रोल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की है, जिसके बाद अब पेट्रोल 321.17 रुपये और हाई-स्पीड डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. कीमतों में इस 20% के उछाल के बाद कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं.
ईंधन की खपत कम करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने एक सख्त कदम उठाते हुए सरकारी दफ्तरों के लिए ‘फोर-डे वर्क वीक’ लागू कर दिया है. अब सरकारी कर्मचारी केवल सोमवार से गुरुवार तक काम करेंगे और शुक्रवार को अतिरिक्त छुट्टी दी जाएगी, हालांकि यह नियम बैंकों पर लागू नहीं होगा.
चीन और श्रीलंका
चीन में भी नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (NDRC) ने 9 मार्च को तेल की कीमतों में इजाफा किया है. गैसोलीन की कीमतों में प्रति मीट्रिक टन 695 युआन की बढ़ोतरी के कारण आम उपभोक्ताओं को अब हर बार गाड़ी का टैंक फुल कराने पर करीब 29 युआन अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं.
श्रीलंका की स्थिति एक बार फिर 2022 के आर्थिक संकट की याद दिला रही है. सरकारी तेल कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने 21 मार्च की आधी रात से कीमतों में 24% से 30% तक की बढ़ोतरी कर दी. इस फैसले के बाद सफेद डीजल अब 382 रुपये और ऑक्टेन 95 पेट्रोल 455 रुपये प्रति लीटर के भाव पर पहुंच गया है. सरकार ने संकट से निपटने के लिए वाहनों के लिए साप्ताहिक फ्यूल कोटा भी तय कर दिया है.
बांग्लादेश में राशनिंग
बांग्लादेश अपनी जरूरत का 95% ईंधन आयात करता है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में बाधा आते ही वहां राशनिंग शुरू कर दी गई है. रॉयटर्स के अनुसार, पैनिक बाइंग को रोकने के लिए कारों को रोजाना केवल 10 लीटर और मोटरसाइकिलों को महज 2 लीटर ईंधन दिया जा रहा है. हालांकि भारत ने ‘फ्रेंडशिप पाइपलाइन’ के जरिए 5,000 टन डीजल भेजकर मदद की है, लेकिन सप्लाई की कमी के कारण स्टेशनों पर रात-रात भर इंतजार करने की खबरें आम हैं.
भारत में क्या है हाल
भारत में नॉर्मल पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, हाई परफॉर्मेंस या प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है. नई कीमतें बीपीसील के स्पीड, एचपीसीएल के पावर और आईओसीएल के X95 पर लागू होंगी. उधर कमर्शियल डीजल की कीमत में 25 परसेंट या 21.92 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. इससे सीधे इंडस्ट्रीज को बेचे जाने वाले डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.59 रुपये हो गई है.