मोदी सरकार का प्लान-B हिट: भारत बना रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल ग्राहक, रिफाइनरियों में 42% तक बढ़ी सप्लाई
सांकेतिक तस्वीर


नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच दुनिया भर में तेल-गैस का संकट गहराया है, लेकिन भारत सरकार के प्लान-बी ने असर दिखाया है। मई 2025 में भारत रूसी तेल का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के मुताबिक मई में रूस से कच्चे तेल के आयात में 21% का तगड़ा उछाल आया। भारत ने 5.8 अरब यूरो यानी 6.7 अरब डॉलर का रूसी हाइड्रोकार्बन इंपोर्ट किया।


1. मई में 5.8 अरब यूरो का रूसी तेल खरीदा, 83% हिस्सा कच्चे तेल का
CREA रिपोर्ट के अनुसार मई में भारत ने 4.8 अरब यूरो का रूसी कच्चा तेल, 550 मिलियन यूरो के तेल उत्पाद और 429 मिलियन यूरो का कोयला आयात किया। कुल रूसी इंपोर्ट में कच्चे तेल की हिस्सेदारी लगभग 83% रही। रूस से कच्चे तेल की खरीद 21% बढ़ने से भारत का कुल कच्चा तेल आयात महीने-दर-महीने 8% बढ़ा।


2. जामनगर-वडीनार से लेकर विशाखापत्तनम तक रिफाइनरियों में रूसी तेल की बाढ़
गुजरात की वडीनार रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल की डिलीवरी अप्रैल के मुकाबले 36% बढ़ी। जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में 14%, न्यू मैंगलोर में 13% और विशाखापत्तनम में 42% की तेजी आई। ओडिशा की पारादीप रिफाइनरी ने भी बीते दो सालों में सबसे ज्यादा रूसी तेल खरीदा। नवंबर 2025 में आयात रोकने के बाद मार्च से सरकारी रिफाइनरियों ने भी खरीद फिर शुरू कर दी है।


3. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत बना सबसे बड़ा ग्राहक, तीसरे देशों को भी हो रहा निर्यात
रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत रियायती रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा। भारत, तुर्की, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियां रूसी कच्चे तेल से बने 641 मिलियन यूरो के तेल उत्पाद प्रतिबंध लगाने वाले देशों को निर्यात कर रही हैं। बीते तीन महीनों में जामनगर रिफाइनरी का 15% और तुर्की की स्टार रिफाइनरी का 39% फीडस्टॉक रूस से आया। अमेरिका को भी जामनगर रिफाइनरी से निर्यात हो रहा है।


(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते है)


अधिक बिज़नेस की खबरें