महंगे गोल्ड के बीच सरकार का बड़ा दांव, 81 दिनों में सोने-चांदी के टैक्स से की रिकॉर्ड कमाई
सांकेतिक तस्वीर


नई दिल्ली: सोने और चांदी पर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) बढ़ाने का फैसला सरकार के खजाने के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। 13 मई से 2 अगस्त 2026 के बीच महज 81 दिनों में सरकार ने सोना, चांदी और प्लैटिनम के वैध आयात से कुल ₹10,463 करोड़ की कस्टम ड्यूटी वसूली है।

लोकसभा में सोमवार (10 अगस्त) को एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह डेटा साझा किया। आंकड़ों के मुताबिक, खजाने में आए इस बड़े राजस्व में शेर-शाह हिस्सा अकेले सोने का रहा, जिससे सरकार को ₹10,040 करोड़ की आय हुई। वहीं चांदी से ₹328 करोड़ और प्लैटिनम के आयात से ₹95 करोड़ का टैक्स मिला।

टैक्स में ढाई गुना की बढ़ोतरी उल्लेखनीय है कि सरकार ने 13 मई 2026 को सोने और चांदी पर प्रभावी कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया था। इसके अलावा प्लैटिनम पर भी ड्यूटी 6.4% से बढ़ाकर 15.4% की गई थी। टैक्स दरों में इस भारी इजाफे का सीधा मकसद विदेशी मुद्रा के प्रवाह को नियंत्रित करने के साथ-साथ सरकारी राजस्व में इजाफा करना था।

ड्यूटी बढ़ते ही तस्कर भी हुए सक्रिय इम्पोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी के साथ ही सोने की अवैध तस्करी की आशंका भी बढ़ गई है। केंद्रीय एजेंसियों ने 13 मई से 30 जून के बीच गोल्ड स्मगलिंग के 287 मामले दर्ज किए, जिनमें 160.91 किलोग्राम अवैध सोना जब्त किया गया और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया। तस्कर ऊंची कस्टम ड्यूटी से बचकर अवैध मुनाफा कमाने की फिराक में हैं, जिससे निपटना एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

भारतीय घरों में कितना सोना? सरकार के पास नहीं कोई आंकड़ा संसद में जब यह सवाल पूछा गया कि भारतीय परिवारों के पास ऐसा कितना सोना है जो बिना इस्तेमाल के पड़ा है, तो वित्त राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसा कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं रखती। हालांकि, भारत दुनिया के उन प्रमुख देशों में शामिल है जहां पारंपरिक और सांस्कृतिक कारणों से घरों में बड़े पैमाने पर सोना जमा रखा जाता है।


(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते है) 

अधिक बिज़नेस की खबरें