600km रेंज, 800V आर्किटेक्चर: भारत में लॉन्च हुई पहली Range Rover Electric, जानें क्या है खास
Range Rover Electric


नई दिल्ली : Jaguar Land Rover (JLR) ने भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी बहुप्रतीक्षित ऑल-इलेक्ट्रिक SUV Range Rover Electric को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। पांच दशकों से हाइब्रिड तकनीक में दबदबा बनाए रखने के बाद, JLR ने पहली बार पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक (BEV) सेगमेंट में कदम रखा है। कंपनी का दावा है कि इस ऑल-इलेक्ट्रिक अवतार में भी पारंपरिक ICE (इंजन) मॉडल वाला पावर, लग्जरी और ऑफ-रोडिंग डीएनए पूरी तरह बरकरार रखा गया है।

ट्रिम्स, बुकिंग और वारंटी
भारतीय ग्राहकों के लिए इस लग्जरी EV की बुकिंग आज से शुरू कर दी गई है। यह कार ऑटोबायोग्राफी ट्रिम (शॉर्ट-व्हीलबेस) के साथ-साथ SV, SV अल्ट्रा और SV ब्लैक ट्रिम (लॉग-व्हीलबेस) विकल्पों में उपलब्ध होगी। कंपनी इसके इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम पर 8 साल या 1,60,000 किमी की वारंटी दे रही है।

पावरहाउस परफॉर्मेंस: V8 इंजन जैसी ताकत

मोटर setup: 260 kW के दो परमानेंट मैग्नेट इलेक्ट्रिक मोटर।

पावर और टॉर्क: 405 kW (लगभग 543 bhp) का मैक्सिमम पावर और 850 Nm का पिक टॉर्क।

एक्सीलरेशन: महज 4.5 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार (80-120 किमी/घंटा सिर्फ 2.7 सेकंड में)।

तकनीक: सिलिकॉन कार्बाइड सेमीकंडक्टर, जो माइक्रोसेकंड्स में रिस्पॉन्स देकर हर ड्राइविंग कंडीशन में बेस्ट परफॉर्मेंस देते हैं।

बैटरी, रेंज और सुपरफास्ट चार्जिंग
Range Rover Electric में 118.5 kWh का लिथियम-आयन 800-वोल्ट बैटरी पैक दिया गया है।

ड्राइविंग रेंज: WLTP सर्टिफाइड 600 किमी (रियल-वर्ल्ड रेंज 535 किमी तक)।

सुपरफास्ट चार्जिंग: 350 kW DC फास्ट चार्जर की मदद से 10 से 80% तक चार्ज होने में महज 22 मिनट का समय लगता है।

क्विक टॉप-अप: केवल 10 मिनट की चार्जिंग में कार 220 किमी तक चलने योग्य चार्ज हो जाती है।

उन्नत ऑफ-रोडिंग और 300 से ज्यादा पेटेंट
JLR ने इस EV के लिए 300 से अधिक नए पेटेंट दर्ज कराए हैं। इसमें Integrated Traction Management (ITM) दिया गया है, जो पारंपरिक कंबशन सिस्टम से 100 गुना तेजी से मोटर रिस्पॉन्स को कंट्रोल करता है।

वाटर वेडिंग क्षमता: 900 मिमी गहरे पानी को आसानी से पार करने में सक्षम।

क्लाइंबिंग कैपेबिलिटी: 33 डिग्री ढलान पर single-pedal ड्राइविंग और 45 डिग्री तक की चढ़ाई आसानी से चढ़ सकती है।

राइड क्वालिटी: ट्विन-चैंबर एयर सस्पेंशन और Intelligent Driveline Dynamics (IDD) टॉर्क का सटीक वितरण करते हैं।

चरम मौसम में 15 लाख KM का टेस्ट
कार को भारत लाने से पहले दुनिया की सबसे कठिन परिस्थितियों में 15 लाख किलोमीटर तक टेस्ट किया गया है—जिसमें स्वीडन का -40°C का बर्फीला इलाका और दुबई का तपता रेगिस्तान शामिल है। इसमें मौजूद ThermoAssist Heat Management System विषम मौसम में रेंज को 40 किमी तक बढ़ा देता है, वहीं Battery Digital Twin तकनीक 900 से अधिक डेटा पॉइंट्स पर नजर रखकर OTA सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए किसी भी खराबी का पहले ही अनुमान लगा लेती है।



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