बुधवार सुबह बेसमेंट में लगी आग और सिलेंडर विस्फोट में विवेक, उनकी पत्नी तरजनी, मां और दोनों बच्चियां फंस गईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
नई दिल्ली: मालवीय नगर के हौज रानी स्थित 'फ्लरिश स्टे' होटल में लगी आग ने गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार का नामो-निशान मिटा दिया। 80 साल के बीमार राधेश्याम अग्रवाल का इलाज कराने दिल्ली आए परिवार के 8 सदस्य जिंदा जल गए। सबसे दर्दनाक यह कि मैक्स अस्पताल के ICU में भर्ती राधेश्याम को अभी तक नहीं पता कि उनकी पत्नी, बेटा विवेक, बहू तरजनी और दो मासूम पोतियां जीविषा उर्फ एंजल व वार्या उर्फ पर्ल अब इस दुनिया में नहीं हैं।
राधेश्याम फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उनकी देखभाल के लिए 48 साल का बेटा विवेक अग्रवाल पूरे परिवार के साथ होटल में रुका था। बच्चों की छुट्टियां थीं, इसलिए दोनों बेटियों को भी साथ ले आए। बुधवार सुबह बेसमेंट में लगी आग और सिलेंडर विस्फोट में विवेक, उनकी पत्नी तरजनी, मां और दोनों बच्चियां फंस गईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
जख्म यहीं खत्म नहीं हुआ। तरजनी के मायके से राजस्थान से आए तीन रिश्तेदार भी राधेश्याम का हाल जानने उसी होटल में रुके थे। आग ने उन्हें भी लील लिया। इस तरह एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई।
तरजनी के मामा अजय गुप्ता ने बताया कि सब राधेश्याम की सेवा के लिए दिल्ली आए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि लौटकर कोई नहीं जाएगा। विवेक के पड़ोसियों ने कहा कि वह पिता का बेहद ख्याल रखता था। सज्जन और मिलनसार विवेक की आखिरी यात्रा पिता की तीमारदारी बन गई।
मैक्स अस्पताल में मौजूद रिश्तेदार सदमे में हैं। डॉक्टर बुजुर्ग राधेश्याम को यह खबर कैसे दें, समझ नहीं पा रहे। हौज रानी की आग ने एक हंसते-खेलते परिवार को पल भर में राख कर दिया।