राहुल ने खुलासा किया कि महज 15 साल की एक नाबालिग बच्ची पर दबाव बनाकर उससे जबरन माफी मंगवाई गई, जो प्रशासन के तानाशाही रवैये को उजागर करता है।
नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हक की आवाज उठाने वाले युवाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके घरों तक गुंडे भेजे जा रहे हैं। राहुल ने खुलासा किया कि महज 15 साल की एक नाबालिग बच्ची पर दबाव बनाकर उससे जबरन माफी मंगवाई गई, जो प्रशासन के तानाशाही रवैये को उजागर करता है।
रिया अहिर का छलका दर्द: 'मैं 30 निर्दोष छात्रों को बचाने वाली लड़की हूं'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद छात्रा रिया अहिर ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक नैरेटिव का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली नहीं, बल्कि 30 निर्दोष छात्रों को गैरकानूनी हिरासत से सुरक्षित निकालने वाली छात्रा हैं। रिया ने पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 27 जुलाई को शिकायत दर्ज कराने के बावजूद 5 अगस्त तक उन्हें एफआईआर की कॉपी नहीं मिली, और उन्हें लगातार ऑनलाइन अकील टिप्पणियों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।
पैलेट गन और लाठीचार्ज के खौफनाक खुलासे
झारखंड से आईं नूतन तोपू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपनी आंखों से पैलेट गन का इस्तेमाल देखा और वह खुद इसका शिकार बनीं। इसके अलावा, मुस्कान और फरहाना जैसी अन्य छात्राओं ने उस दिन को अपनी जिंदगी का काला दिन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस और आरएएफ (RAF) ने बेरहमी से लाठियां बरसाईं।
'शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना कोई गुनाह नहीं'
राहुल गांधी और प्रदर्शनकारी युवाओं ने एक स्वर में कहा कि ध्वस्त हो रही शिक्षा प्रणाली, पेपर लीक और धांधलियों के खिलाफ आवाज उठाना देश के युवाओं का लोकतांत्रिक अधिकार है। छात्रों को डराने या दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाकर ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।