नई दिल्ली : देश के जॉब मार्केट की मौजूदा स्थिति को दर्शाने वाले नए आंकड़े जारी हो गए हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से सोमवार को जारी पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के मुताबिक, देश में बेरोजगारी दर और काम करने वाली आबादी का अनुपात (वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो) लगभग स्थिर बना हुआ है। यानी पिछले एक साल के दौरान नौकरियों के अवसरों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है।
बेरोजगारी दर में मामूली गिरावट आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून (2026) तिमाही में देश की कुल बेरोजगारी दर 5.5 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले साल इसी अवधि (2025) में 5.6 प्रतिशत थी। जून में देश का लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) 54.4 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 54.2 प्रतिशत से थोड़ा बेहतर है।
शहरी और ग्रामीण जॉब मार्केट की स्थिति नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) के सर्वे के अनुसार, शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर जून 2025 के 7.1 प्रतिशत से घटकर जून 2026 में 6.6 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर मोटे तौर पर स्थिर बनी हुई है। जून में कुल कामकाजी आबादी का अनुपात (WPR) 51.4 प्रतिशत दर्ज किया गया।
गांवों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, शहरों में घटी रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण पहलू जेंडर गैप में आया बदलाव है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट बढ़कर 36.6 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल 35.2 प्रतिशत थी (1.4% अंक की बढ़ोतरी)। इसके विपरीत, शहरी इलाकों में महिलाओं की भागीदारी 25.2 प्रतिशत से घटकर 24.8 प्रतिशत रह गई है।
56.6 करोड़ लोग संभाल रहे हैं रोजगार की कमान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के जनसंख्या अनुमानों के आधार पर तैयार आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 के दौरान देश में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लगभग 56.6 करोड़ लोग कार्यरत थे। इनमें 40.2 करोड़ पुरुष और 16.4 करोड़ महिलाएं शामिल हैं।