सबसे तेज ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस, जिले में एक स्टॉपेज के बाद चलती है हाई स्पीड से
वंदेभारत (File Photo)


हर टिकट पर 40-60 रुपये एक्ट्रा... जिले में केवल एक स्टॉपेज, कौन सी ट्रेन और कितनी है स्पीड?
नई दिल्‍ली. आपने अलग-अलग श्रेणी की ट्रेनों में सफर किया होगा, इनमें शताब्‍दी, राजधानी वंदेभारत से लेकर एक्‍सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें शामिल होंगी. लेकिन कभी आपने सोचा है कि सुपरफास्‍ट और एक्‍सप्रेस ट्रेनों में क्‍या फर्क होता है, किनको सुपरफास्‍ट ट्रेनों का दर्जा दिया जाता है. देश में कितनी सुपरफास्‍ट ट्रेनें हैं. नहीं पता… तो यहां जानते हैं.


रेलवे मंत्रालय के एग्‍जीक्‍यूटिव निदेशक इनफार्मेशन एंड पब्लिसिटी दिलीप कुमार बताते मौजूदा समय देशभर में 12000 से अधिक ट्रेनें चल रही हैं. इनमें वंदेभारत, शताब्‍दी राजधानी से लेकर लोकल ट्रेनें शामिल हैं. सुपरफास्‍ट का दर्जा ट्रेन की स्‍पीड से तय होता है. जिस ट्रेन की औसतन स्‍पीड 55 किमी. प्रति घंटे से अधिक होती है, उसे सुपरफास्‍ट का दर्ज दिया जाता है. इनमें ट्रेनों के स्‍टेशनों पर रुकने का समय शामिल करके की जाती है.

देश में 450 सुपरफास्‍ट ट्रेनें
भारतीय रेलवे के आंकड़ों के अनुसार देश में 3000 से अधिक एक्सप्रेस ट्रेनें प्रतिदिन चलती हैं, जिनमें से 450 से अधिक सुपरफास्ट हैं.  वंदेभारत 73 ट्रेनें, राजधानी 24, शताब्दी  27 और दूरंतो  22 ट्रेनें शामिल हैं. ये ट्रेनें कम स्टॉपेज के कारण तेज गति से चलती हैं.

सबसे तेज दिल्‍ली भोपाल वंदेभारत
मौजूदा समय वंदेभारत एक्सप्रेस सबसे तेज ट्रेन है, जो 180 किमी/घंटा की अधिकतम स्‍पीड के अनुसार डिजाइन की गयी है, लेकिन ट्रैक की सीमाओं के कारण  ज्यादातर 130-160 किमी/घंटा की गति से चलती हैं. केवल एक रूट नई दिल्ली और भोपाल वंदेभारत सबसे तेज 160 किमी/घंटा की स्‍पीड से चलती है. अन्‍य की स्‍पीड है.

इस तरह तय होती है स्‍पीड
नई दिल्ली मुंबई राजधानी एक्सप्रेस 1,386 किमी की दूरी 15.5 घंटे में तय करती है, जिसकी औसत स्‍पीड करीब 90 किमी/घंटा है. भारतीय रेलवे सुपरफास्ट ट्रेनों की गति को और बढ़ाने के लिए रेलवे ट्रैकों को बेहतर और कवच जैसे सुरक्षा तकनीक का इस्‍तेमाल कर रहा है.

बुलेट ट्रेन 320 की स्पीड से चलेगी
भविष्य में मुंबई अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन 320 किमी. प्रति घंटे से चलेगी. इसके लिए ट्रैक और स्टेशन निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. संभावना है कि 2028 तक यह ट्रेन चालू हो जाएगी.

आधुनिक हैं सुपरफास्ट ट्रेनें
ये सुपरफास्ट ट्रेनें न केवल कम समय में सफर पूरा करती हैं, बल्कि मॉर्डन सुविधाओं जैसे वाई-फाई, बायो-टॉयलेट और पेंट्री से लैस होती है. ज्यादातर ये ट्रेनें लंबी दूरी के बीच में चलती हैं, जिससे कम समय में दूरी पूरी कर लें.

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