नई दिल्ली : भारत ने पाकिस्तान के यार को भी डायरेक्ट मैसेज देने का मूड बना लिया है. एक साथ कई मोर्चों पर सैन्य तैयारियां चल रही हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्नि-6 मिसाइल को लेकर बड़ी बात कही है. एक्सपर्ट का मानना है कि अग्नि सीरीज की इस मिसाइल की रेंज 10000 किलोमीटर से भी ज्यादा होगी. इसका मतलब यह हुआ कि अग्नि-6 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की जद में पाकिस्तान और चीन के साथ ही तुर्की भी आ जाएगा. दूसरी तरफ, पश्चिम से लेकर पूरब तक भारतीय सेना ज्वाइंट मिलिट्री ड्रिल कर रही है.
पाकिस्तान से लगती सीमा पर आर्मी, एयरफोर्स और नेवी ने त्रिशूल एक्सरसाइज के तहत अपनी प्रचंड ताकत दिखाई. अब चीन से लगती सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में ट्राई-सर्विसेज ड्रिल करने की तैयारी चल रही है. इन सबके बीच, गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के सीने पर राफेल, तेजस और सुखोई जैसे मॉडर्न फाइटर जेट ने अपनी गर्जना से दुश्मनों के सीने को दहलाया. इसके साथ ही भारत पड़ोसी देश को साधने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान के दौरे पर जा रहे हैं. पीएम मोदी ऐसे समय में भूटान जा रहे हैं, जब ईस्टर्न बॉर्डर पर आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के रणबांकुरे ‘पूर्वी प्रचंड प्रहार’ एक्सरसाइज में हिस्सा ले रहे होंगे.
दरअसल, भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपने 93वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दूसरे संस्करण के तहत गुवाहाटी के लचित घाट पर ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. इसमें राफेल और देसी तेजस फाइटर जेट के साथ अन्य एयरक्राफ्ट ने उड़ान भरी. ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी और दक्षिणी दोनों तटों पर एयर शो का प्रदर्शन किया गया.
इस वर्ष वायुसेना दिवस समारोह की थीम है – Infallible, Impervious and Precise. यह एयरफोस की ऑपरेशन कैपेबिलिटी, मजबूती और सटीकता पर केंद्रित है. यह फ्लाई-पास्ट एक ऐतिहासिक आयोजन है, जिसमें लगभग 60 विमान शामिल हुए. सुखोई, राफेल, मिराज और अपाचे हेलीकॉप्टर ने दुश्मनों को अपनी ताकत का अहसास कराया. ये सभी एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर ने पूर्वोत्तर के प्रसिद्ध स्थलों के नाम पर रखी गई फॉर्मेशन में उड़ान भरी. जैसे लचित, काज़ीरंगा, मानस, एलिफैंट और बराक.
पूर्वी प्रचंड प्रहार
भारतीय सशस्त्र बल अरुणाचल प्रदेश में ट्राई सर्विसेज सैन्य अभ्यास आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.‘पूर्वी प्रचंड प्रहार’ नामक यह अभ्यास 11 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश के मेचुका की दुर्गम पहाड़ियों में शुरू किया जाएगा. यह इलाका चीन की सीमा के करीब है. भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस अभ्यास में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच ऑपरेशनल तालमेल की परख की जाएगी. भारत के पूर्वी मोर्चे पर यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिमी सीमाओं पर कई परिचालन गतिविधियां जारी हैं. ‘पूर्वी प्रचंड प्रहार’ भातीय सेना के तीनों अंगों के बीच युद्धक क्षमता और टेक्नोलॉजिकल एडेप्टेशन को इंटीग्रेट करेगा, ताकि वॉर की स्थिति में किसी तरह की दिक्कत पेश न आए. यह अभ्यास 15 नवंबर को समाप्त होगा. थिएटर कमान को स्थापित करने की दिशा में इसे बड़ा कदम भी माना जा रहा है.
पड़ोसी को साधने की तैयारी
मिलिट्री ड्रिल के साथ ही भारत डिप्लोमेटिक फ्रंट पर भी एक्टिव है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11–12 नवम्बर 2025 को भूटान की राजकीय यात्रा पर जाएंगे. इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग के विशेष संबंधों को सुदृढ़ करना है और यह नियमित द्विपक्षीय उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा के अनुरूप है. अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भूटान के किंग महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात करेंगे और दोनों नेता भारत सरकार एवं भूटान की रॉयल सरकार द्वारा संयुक्त रूप से विकसित 1020 मेगावॉट पुनात्सांगचू-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन करेंगे.




