गौतम गंभीर के लिए आने वाले दिनों में होगी बड़ी चुनातियाँ,  टी-20 वर्ल्ड कप के बाद खुद तय करेंगे भविष्य
गौतम गंभीर


नई दिल्ली : आगामी छह सप्ताह गौतम गंभीर की भारत के मुख्य कोच के रूप में विरासत तय कर सकते हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ के साथ, यह गंभीर के पास वर्ल्ड कप से पहले भारत के खिताब बचाव को अंतिम रूप देने का आख़िरी मौका है.वर्ल्ड कप की शुरुआत 7 फ़रवरी को मुंबई में अमेरिका के खिलाफ़ मैच से होगी. पिछले दो महीनों में गंभीर को काफ़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ रेड-बॉल क्रिकेट में औसत प्रदर्शन और इसके बाद न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ 50 ओवर फ़ॉर्मेट में 1–2 की सीरीज़ हार ने हालात को नाज़ुक बना दिया है.

हालांकि व्हाइट-बॉल हार को ज़्यादा तूल नहीं दूंगा क्योंकि 20 ओवर का वर्ल्ड कप सिर पर है और   50 ओवर का क्रिकेट काफ़ी हद तक अप्रासंगिक है, क्योंकि अगला वनडे वर्ल्ड कप अभी 20 महीने दूर है. अभी जो कुछ भी होगा, उसका वर्ल्ड कप की तैयारियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा और इस बीच हर टीम का स्वरूप बदल जाएगा. रेड-बॉल क्रिकेट ज़रूर चिंता का विषय है, लेकिन 50 ओवर फ़ॉर्मेट के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता.

गंभीर के अगले 44 दिन 
कोच गौतम गंभीर के लिए टी20 क्रिकेट उनका पसंदीदा फ़ॉर्मेट है और यहां उन्हें सफलता मिली है और वे इस फ़ॉर्मेट के टेम्पलेट को अच्छी तरह समझते हैं. साल 2026 में इस फॉर्मेट में शुरुआत भी धमाके दार हो चुकी है.  सबसे अहम बात यह है कि उनके पास एक बेहतरीन स्क्वॉड मौजूद है. चार प्रमुख मैच-विनर्स की वापसी से टीम का स्वरूप निश्चित रूप से बदल जाएगा और जसप्रीत बुमराह, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती और सबसे महत्वपूर्ण हार्दिक पांड्या की वापसी से भारत का हौसला बढ़ेगा. पांड्या भारत के सबसे मूल्यवान टी20 खिलाड़ी बने हुए हैं और टीम को ज़रूरी संतुलन प्रदान करते हैं. संजू सैमसन और अभिषेक से शीर्ष क्रम में आक्रामक शुरुआत की उम्मीद होगी, जबकि गंभीर चाहेंगे कि तिलक वर्मा समय पर फिट हो जाएं और सूर्यकुमार यादव अपनी फॉर्म में लौटें.

वर्ल्ड कप तय करेगा भविष्य 
दरअसल, न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के बाकी बचे हुए मैचों पर सबकी नज़रें खास तौर पर कप्तान पर रहेंगी. कुल मिलाकर, यह एक बेहद सक्षम भारतीय टीम है. नॉकआउट मुकाबले हमेशा अनिश्चित होते हैं एक पारी या एक स्पेल पूरा मैच बदल सकता है लेकिन यह भी सच है कि अगर भारत और किसी भी अन्य टीम के बीच द्विपक्षीय टी20 सीरीज़ के विजेता की भविष्यवाणी करनी हो, तो इस फॉर्मेट में ज्यादातर लोगों की पसंद भारत ही होगी. टीम की ताकत ऐसी है और वर्ल्ड कप से पहले यह मानने के पूरे कारण हैं कि उनके पास खिताब जीतने का वास्तविक मौका है.

गंभीर के लिए अगले कुछ दिन टूर्नामेंट सबसे अहम है क्यंकि वर्ल्ड कप जीतने से सारी आलोचनाएं शांत हो जाएंगी और उन्हें अगस्त में रेड-बॉल क्रिकेट पर फिर से ध्यान केंद्रित करने की राहत मिलेगी. लेकिन अगर अभियान औसत रहा, तो आलोचक फिर सक्रिय हो जाएंगे .

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