कांग्रेस से दूरी बना रहे शशि थरूर, दिल्‍ली में होने वाली बैठक से रहेंगे नदारद, राहुल गांधी है वजह
राहुल गांधी और शशि थरूर


नई दिल्ली : कांग्रेस में अंदरुनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है. एक के बाद एक ऐसी घटनाएं होती हैं, जिससे दरारें उभर आती हैं. पिछले कुछ मामलों में तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर इसके केंद्र में रहे हैं. अब एक बाद फिर से कयासबाजियों का दौर शुरू हो गया है. 

सूत्रों की मानें तो शशि थरूर राहुल गांधी से खुश नहीं हैं और वे शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को देश की राजधानी दिल्‍ली में पार्टी की होने वाली एक अहम बैठक में शामिल नहीं होंगे.  शशि थरूर के ऑफिस की तरफ से इस बाबत बयान जारी किया गया है, जिसमें स्‍पष्‍ट तौर पर कहा गया है कि शशि थरूर आज यानी 23 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली केरल कांग्रेस की अहम चुनावी तैयारी बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे. 

उनके कार्यालय ने कहा, ‘वे केरल लिटरेचर फेस्टिवल के लिए कालीकट में हैं, जो एशिया का सबसे बड़ा साहित्य महोत्सव है. वह अपनी नवीनतम पुस्तक पर बोल रहे हैं, जो श्री नारायण गुरु पर आधारित है. उन्होंने पार्टी को पहले ही सूचित कर दिया था कि वह बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे.’

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी एक बार फिर चर्चा में है. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के हालिया कोच्चि दौरे के दौरान उन्हें अपेक्षित सम्मान न मिलने से थरूर नाराज हैं और इसी कारण वह शुक्रवार 23 जनवरी को होने वाली कांग्रेस की अहम बैठक में शामिल नहीं होंगे. इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत केरल इकाई के सीनियर लीडर राज्य में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करने वाले हैं.

क्‍या संकेत दे रहे शशि थरूर?
चार बार के सांसद और पूर्व राजनयिक रहे शशि थरूर के इस फैसले को पार्टी के भीतर चल रही असहजता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि कोच्चि दौरे के दौरान राहुल गांधी से मुलाकात और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उन्हें पर्याप्त मंच नहीं मिला, जिससे वे आहत हैं. हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि थरूर की नाराजगी काफी समय से अंदरखाने सुलग रही थी. 

केरल विधानसभा चुनाव से पहले महाभारत की आहट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है. शशि थरूर राज्य में लोकप्रिय चेहरा हैं और शहरी मध्यम वर्ग तथा युवा मतदाताओं के बीच उनकी खास पकड़ मानी जाती है. ऐसे में उनका अहम बैठकों से दूर रहना पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित हो सकता है. फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम पर सार्वजनिक तौर पर चुप है, लेकिन अंदरखाने कोशिशें जारी हैं कि मतभेदों को बढ़ने से पहले ही सुलझा लिया जाए. 

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