प्रयागराज : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार सुबह जानलेवा हमला हुआ है. बताया जा रहा है कि आशुतोष रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे. इसी बीच यात्रा के दौरान हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी नाक काटने की कोशिश की.
खबर है कि आशुतोष ब्रह्मचारी के चेहरे और हाथ पर हमलावरों ने कई वार किए. इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा है. उन्होंने ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद करके अपनी जान बचाई है. इस घटना के बढ़ ट्रेन कर रहे अन्य यात्री सहम गए हैं.
ट्रेन के कोच में हुआ खूनी खेल
आशुतोष ब्रह्मचारी रीवा एक्सप्रेस के कोच नंबर H-1 में सफर कर रहे थे.इसी दौरान फतेहपुर और कौशांबी के सिराथू स्टेशन के बीच उनपर जानलेवा हमला हुआ. हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने आशुतोष पर सीधा प्रहार किया. आशुतोष ने बताया कि हमलावर उनकी नाक काटना चाहता था. हमले में उन्हें शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं. वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे और ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया. वहीं से जीआरपी को फोन कर घटना की पूरी जानकारी दी.
शंकराचार्य पर साजिश का आरोप
घायल अवस्था में प्रयागराज जंक्शन पहुंचे आशुतोष ब्रह्मचारी ने सीधे तौर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर इस हमले की साजिश रचने का शक जताया है. उन्होंने प्रयागराज जीआरपी (GRP) थाने में मामले की एफआईआर दर्ज करा दी है. जीआरपी ने आशुतोष ब्रह्मचारी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली है. साथ ही, मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है. पुलिस ने उन्हें इलाज और मेडिकल परीक्षण के लिए कॉल्विन अस्पताल भेजा है. फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
क्यों आ रहे थे प्रयागराज?
आशुतोष ब्रह्मचारी दो महत्वपूर्ण कानूनी मामलों की पैरवी के लिए प्रयागराज आ रहे थे. पहला मामला था श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद. दरअसल, मथुरा विवाद से जुड़े केस की सुनवाई 12 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होनी है. वहीं, दूसरा मामला है स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे यौन शोषण के आरोपों के मामले में हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना था.
इन दोनों ही मामलों में आशुतोष मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने इस हमले को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है. जीआरपी मामले की जांच में जुट गई है.




