ईरान जंग के बीच ट्रंप परिवार की बंपर कमाई, क्रिप्टो से बने 2.3 अरब डॉलर
डोनाल्ड ट्रंप


नई दिल्ली : ईरान जंग के बीच दुनिया भर में महंगाई और आर्थिक नुकसान की खबरें हैं। मगर इसी दौर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका परिवार जमकर कमाई कर रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप परिवार ने दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद करीब 2.3 अरब डॉलर यानी लगभग 19 हजार करोड़ रुपये कमा लिए हैं। ये कमाई हथियार या तेल से नहीं, बल्कि क्रिप्टोकरेंसी से हुई है। उधर ट्रंप के बेटों के ड्रोन कंपनी में निवेश पर भी सवाल उठ रहे हैं। खुद ट्रंप कह चुके हैं कि 'मुझे महंगाई पसंद है'।

युद्ध के बीच 19 हजार करोड़ की कमाई: क्रिप्टो बना जरिया
रॉयटर्स की जांच रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप के परिवार ने दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद करीब 2.3 अरब डॉलर यानी लगभग 19 हजार करोड़ रुपये कमाए हैं। ये कमाई उस समय हुई जब खाड़ी में अमेरिका-ईरान के बीच गोलाबारी और हवाई हमले चल रहे हैं। ट्रंप परिवार ने यह पैसा हथियार या तेल से नहीं बल्कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार से बनाया है। दुनिया भर में महंगाई बढ़ी है। ट्रंप खुद कह चुके हैं कि 'मुझे महंगाई पसंद है'।

कैसे हुई कमाई: WLFI से लेकर मीम कॉइन तक
ट्रंप परिवार ने क्रिप्टो बिजनेस में तेजी से पैर पसारे हैं। उनके खुद के क्रिप्टो वेंचर 'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' ($WLFI) में परिवार की 60% हिस्सेदारी है। टोकन की बिक्री का 75% हिस्सा सीधे उनकी जेब में जा रहा है। इसके अलावा ट्रंप के नाम पर $TRUMP जैसे मीम कॉइन्स भी बाजार में हैं। ट्रंप के सत्ता में आते ही इन टोकन्स की मांग और कीमत में भारी उछाल आया। इसका फायदा ट्रंप के बेटों और उनके बिजनेस को मिला।

जनता को नुकसान: 10 लाख निवेशकों के डूबे 2.3 अरब डॉलर
रिपोर्ट बताती है कि जहां ट्रंप परिवार ने अरबों कमाए, वहीं करीब 10 लाख आम निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। कई छोटे और मध्यम वर्ग के लोगों ने भरोसा करके पैसा लगाया था कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से फायदा होगा। लेकिन शुरुआती उछाल के बाद कॉइन्स की कीमत धड़ाम हो गई। एक टोकन जो 0.31 डॉलर का था, वो गिरकर 0.05 डॉलर पर आ गया। इससे निवेशकों को कुल 2.3 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। जितना ट्रंप परिवार ने कमाया, उतना ही जनता ने गंवाया।

ईरान युद्ध का कनेक्शन: ड्रोन कंपनी में निवेश पर विवाद
ट्रंप परिवार पर ईरान युद्ध से सीधे मुनाफा कमाने के भी आरोप हैं। डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप मिलिट्री ड्रोन कंपनी Powerus में भारी निवेश कर रहे हैं। यह कंपनी पेंटागन से करोड़ों डॉलर के सरकारी ठेके लेने की होड़ में है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में चीनी ड्रोन्स पर पाबंदी लगा दी है। इससे अमेरिकी सेना में नए ड्रोन्स की मांग बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि एक तरफ देश युद्ध लड़ रहा है, दूसरी तरफ राष्ट्रपति का परिवार मिलिट्री कॉन्ट्रैक्ट्स से संपत्ति बढ़ा रहा है।

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