भोपाल : मध्य प्रदेश की वीवीआईपी दतिया सीट पर बीजेपी ने सबको चौंका दिया। उपचुनाव के लिए पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर पूर्व संभागीय संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बना दिया है। तिवारी दतिया के मूल निवासी और पुराने बीजेपी कार्यकर्ता हैं।
टिकट क्यों कटा नरोत्तम मिश्रा का?
सूत्रों के मुताबिक हाईकमान का ये फैसला जमीनी फीडबैक के बाद लिया गया। केंद्रीय सर्वे टीम दतिया में लगातार मौजूद थी। गोपनीय रिपोर्ट में नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी की बात सामने आई थी। 2023 की करारी हार को भी पार्टी नहीं भूली थी। टिकट से पहले तक नरोत्तम मिश्रा लगातार जनसंपर्क में जुटे थे, लेकिन इस फैसले ने उनके समर्थकों को झटका दे दिया है।
उपचुनाव की वजह क्या बनी?
दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने से खाली हुई। 2023 में भारती ने नरोत्तम मिश्रा को हरा दिया था। लेकिन कोऑपरेटिव बैंक धोखाधड़ी के पुराने मामले में दिल्ली कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत सजा होते ही विधानसभा सचिवालय ने उनकी विधायकी रद्द कर दी, जिससे उपचुनाव की नौबत आई।
दतिया में किसकी साख दांव पर?
पिछले डेढ़ दशक से दतिया नरोत्तम मिश्रा का गढ़ रहा है। उन्होंने लगातार 3 बार यहां जीत दिलाई थी। अब बीजेपी के लिए ये पुरानी बादशाहत वापस लाने की लड़ाई है। वहीं कांग्रेस को 2023 की जीत को नए बीजेपी चेहरे के खिलाफ बचाना है। 30 जुलाई को वोटिंग और 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। ये चुनाव अब सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि दिग्गजों की साख और नई ताकतों की अग्निपरीक्षा बन चुका है।




