राम मंदिर चंदा गबन मामला : दिग्विजय सिंह जाएंगे कोर्ट, दायर करेंगे मुकदमा, वापस मांगेंगे 1.11 लाख
दिग्विजय सिंह


भोपाल : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने बड़ा ऐलान किया है कि वह अयोध्या में मुकदमा दायर करेंगे और अपना चंदा वापस मांगेंगे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने 1.11 लाख रुपये सीधे ट्रस्ट को दान दिए थे, लेकिन उसका गबन हुआ है। दिग्विजय ने कहा कि पुलिस पर भरोसा नहीं है क्योंकि वह बीजेपी के नियंत्रण में है, इसलिए सीधे अदालत जाएंगे।


'मेरा दान लूटा गया, पैसा वापस चाहिए': दिग्विजय का ऐलान
दिग्विजय सिंह ने कहा, 'मैंने तय किया है कि अयोध्या में मुकदमा दायर करूंगा। मैंने जो दान दिया था, उसका गबन हुआ है, उसे लूटा गया है। इसलिए वह पैसा मुझे वापस किया जाए ताकि मैं उसे रामालया ट्रस्ट में जमा कर सकूं। मुझे थाने पर भरोसा नहीं है। पुलिस बीजेपी के नियंत्रण में है, इसलिए मैं थाने नहीं जाऊंगा, अदालत जाऊंगा।'

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के तत्कालीन CM शिवराज सिंह चौहान ने 1 लाख रुपये दान दिए थे, इसलिए उन्होंने उनसे ज्यादा 1 लाख 11 हजार रुपये देने का फैसला किया। यह राशि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ट्रस्ट में जमा कराई थी और रसीद भी ली थी।


दो बार दिया चंदा, VHP पर नहीं किया भरोसा
दिग्विजय ने कहा कि राम मंदिर के लिए दो बार चंदा अभियान चला। पहली बार आडवाणी की रथ यात्रा के दौरान दिया था, जिसका कभी हिसाब नहीं आया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दूसरा अभियान चला तो VHP पर भरोसा होने की वजह से सीधे ट्रस्ट को दान दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने 10-15 हजार रुपये महीने पर कर्मचारियों को रखा था, जबकि रोजाना दान का 10-20% हिस्सा गायब हो जाता था। 'दान में नकदी की गड्डियां गायब हो जाती थीं। इसमें बैंक अधिकारियों की भी भूमिका है। यह हमारी आस्था पर गहरी चोट है।'


7 जून को सामने आया था गबन का मामला, 8 गिरफ्तार
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में गबन का मामला 7 जून को सामने आया था। आरोप है कि ट्रस्ट के कर्मचारियों और बैंक से जुड़े लोगों की मिलीभगत से नकदी, सोना-चांदी और आभूषण गायब किए गए।

UP सरकार ने जांच के लिए SIT गठित की है। अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं राम मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी हो गया है। दिग्विजय ने कहा कि उन्होंने भगवान राम में आस्था से दान दिया था, लेकिन अब जो शिकायतें रही हैं वह चिंताजनक हैं।


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