नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और PoJK में सक्रिय 23 आतंकियों को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने इनके नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए हैं। सूची में अयोध्या राम जन्मभूमि परिसर की रेकी करने वाले जैश-ए-मोहम्मद के मोहम्मद मुसद्दिक और 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के दामाद हाफिज खालिद वलीद का नाम भी है। 23 में से 6 भारतीय नागरिक हैं जो अब पाकिस्तान से आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं।
राम मंदिर-RSS मुख्यालय की रेकी कर चुका था मोहम्मद मुसद्दिक
गृह मंत्रालय के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मोहम्मद मुसद्दिक सबसे प्रमुख नाम है। उस पर अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर, नागपुर RSS मुख्यालय और पानीपत की IOCL रिफाइनरी की रेकी का आरोप है।
वह लासियाकोट सेक्टर में लॉन्चिंग कमांडर है और सुरंगों व ड्रोन के जरिए भारत में आतंकियों, हथियारों और गोला-बारूद की घुसपैठ कराने में शामिल रहा है। उस पर भारत में घुसपैठ, भर्ती, फंडिंग और हमलों की साजिश रचने का आरोप है।
हाफिज सईद का दामाद और JeM के 7 बड़े आतंकी सूची में
सूची में लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा से जुड़े हाफिज खालिद वलीद का नाम भी है। वह हाफिज सईद का दामाद है और लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य है। मंत्रालय के अनुसार वह 2016 के पंपोर आतंकी हमले का मास्टरमाइंड रहा है। अमेरिका पहले ही उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है।
जैश-ए-मोहम्मद के मसूद इलियास कश्मीरी, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जिहादी, अशफाक अहमद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और वासिम नूर जट को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। इन पर J&K में घुसपैठ, प्रशिक्षण, युवाओं की भर्ती और सोशल मीडिया से कट्टरपंथ फैलाने का आरोप है।
6 भारतीय नागरिक भी शामिल, ड्रोन से हथियार भेजने का आरोप
23 आतंकियों में 6 भारतीय नागरिक हैं: फिरदौस अहमद भट, हारून राशिद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कय्यूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर और ओवैस फारूक। गृह मंत्रालय के अनुसार ये सभी पाकिस्तान या PoJK में रहकर आतंकियों की भर्ती, हथियारों की तस्करी, ड्रोन से हथियार भेजने और J&K में नेटवर्क मजबूत कर रहे हैं।
अब्दुल रऊफ, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, कारी याकूब शेख, राना इफ्तिखार, गुलाम फरीद और मोहम्मद शाहिद फैसल को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। ये LeT, JeM, JuD और अन्य संगठनों के लिए फंडिंग, लॉजिस्टिक्स, भर्ती और ऑपरेशनल प्लानिंग करते रहे हैं।
गृह मंत्रालय का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क, उनके वित्तीय तंत्र और भारत विरोधी गतिविधियों पर सख्त प्रहार करना है।
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