वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा फैल गया कि पीटे गए लोग सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी थे।
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर कांवड़ यात्रा के दौरान हुई एक हिंसक झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दौराला थाना क्षेत्र में घटी इस घटना के वीडियो में आक्रोशित भीड़ पुलिस की जीप से दो युवकों को जबरन बाहर खींचकर लाठी-डंडों से पीटती नजर आ रही है। जान बचाने के लिए एक युवक खेतों की ओर भागा, लेकिन भीड़ ने उसे वहां भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान पीड़ित फोन पर मदद की गुहार लगाते हुए कह रहे हैं, "साहब जल्दी आ जाओ, वरना हम मारे जाएंगे।"
वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा फैल गया कि पीटे गए लोग सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी थे। हालांकि, मेरठ पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर भ्रामक करार दिया है।
क्या है पुलिस की आधिकारिक सफाई?
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि यह घटना 2 और 3 अगस्त की मध्य रात्रि की है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे एक कांवड़िए और गंगाजल लेने जा रहे दूसरे मोटरसाइकिल सवार कांवड़िए के बीच सीधी टक्कर हो गई थी। सड़क हादसे के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते मारपीट का रूप ले लिया।
सूचना मिलते ही दौराला पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जीप में बैठाकर दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन तभी भीड़ उग्र हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई और बाद में आपसी समझौते के बाद उन्हें रवाना कर दिया।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
एसपी सिटी ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, इसलिए कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट का दावा पूरी तरह झूठ है। वर्तमान में क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है और कांवड़ मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर विश्वास न करें।