तंत्र साधना में माता स्कंदमाता का संबंध विशुद्ध चक्र से माना जाता है, जबकि ज्योतिष में इनका संबंध बृहस्पति से जोड़ा जाता है. बृहस्पति का जो भाग संतान सुख से संबंधित होता है, वह स्कंदमाता के प्रभाव में आता है.

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