संजीव बालियान-संगीत सोम में और बढ़ेगी रार, 2 साल पहले शुरू हुआ था विवाद, अब आये आमने-सामने
संजीव बालियान और संगीत सोम


मुजफ्फरनगर : यूपी में मुजफ्फरनगर में लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी में अंदरूनी कल और तेज हो गई है. मुजफ्फरनगर से सांसद रहे संजीव बालियान ने संगीत सोम पर कार्रवाई की मांग उठाई है. बालियान ने प्रेस वार्ता में संगीत सोम पर हमला बोलते हुए कहा है कि कुछ लोग समाजवादी पार्टी को खुलेआम चुनाव लड़ा रहे थे. वह यहां पर बड़ी पोजीशन लिए हुए हैं और सरकारी सुविधा भी ले रहे हैं. उस पर पार्टी ध्यान देगी और कार्रवाई भी करेगी. अब संगीत सोम भी मंगलवार को मेरठ मे दोपहर एक बजे पीसी करेंगे और बालियान के आरोपों पर पलटवार करेंगे.

दरअसल, डॉ. संजीव बालियान और संगीत सोम के बीच विवाद विधानसभा 2022 चुनाव के बाद पनपा. संगीत सोम को चुनाव हारने के बाद लगने लगा की उनकी हर के पीछे जाटों का कम वोट परसेंट होना रहा है. संगीत सोम ने इसका ठीकरा संजीव बालियान के सिर पर फोड़ा. धीरे-धीरे यह आपसी विवाद और बढ़ता गया. लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान विवाद खुलकर सामने आ गया. संगीत सोम ने संजीव बालियान को चुनाव में सबक सिखाने के लिए तरह-तरह के बयान दिए और पंचायते भी कीं. यही नहीं लोकसभा चुनाव में तो संजीव बालियान पर कई तरह की टिप्पणी और विरोधी बयान भी संगीत सोम ने दिए. लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान तो खतौली विधानसभा क्षेत्र के एक राजपूत के गांव में संजीव बालियान के काफिले पर हमला भी हुआ. षड्यंत्र का आरोप संगीत सोम पर लगा. सगीत सोम का सपा प्रत्याशी हरेंद्र मलिक के साथ चुनाव प्रचार का एक वीडियो भी वायरल हुआ था. अब लोकसभा परिणाम आने के बाद स्पष्ट हो गया कि संगीत सोम ने बालियान को चुनाव हारने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. संगीत सोम के खुद गांव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा. वहीं सरधना विधानसभा में भी भाजपा हार गई.

बीजेपी को लोकसभा में हुआ भारी नुकसान
संगीत सोम और संजीव बालियान के बीच आपसी विवाद की वजह से राजपूत समाज में बंटवारे की स्थिति पैदा हुई. लगातार राजपूत समाज की तरफ से विरोध में सभा और पंचायतें देखने को मिली, जिसकी वजह से कई हिंदू जातियों में भी बंटवारे की स्थिति पैदा हो गई. इसका खामियाजा पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा को मुकदमा पड़ा.

राजपूत बनाम जाट होती नजर आ रही लड़ाई
संगीत सोम और संजीव बालियान के बीच यह राजनीतिक लड़ाई अब यह राजपूत बनाम जाट होती नजर आ रही है. भविष्य में इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है क्योंकि जाट समाज में इस बात का रोष है कि डॉक्टर संजीव बालियान को हराने के लिए राजपूत समाज और संगीत सोम ने एड़ी-चोटी के जोर लगाया है. डॉ. संजीव बालियान 24000 वोट से हार गए. सभी राजपूत बाहुल्य क्षेत्र में भी संजीव बालियान को उतना वोट नहीं मिला, जितना हमेशा बीजेपी प्रत्याशी को मिलता था, इसलिए आगामी चुनाव में जाट समाज की तरफ से भी इस तरह के विरोधी स्वर देखने को मिल सकते हैं.

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