पाकिस्तान ने 350 अफगान लड़ाके किये ढेर, 26 पोस्ट पर कब्जा, पाकिस्तानी मंत्री का ऐलान
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नई दिल्ली : पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के बीच सैन्य टकराव रविवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया. इस लड़ाई दक्षिण और मध्य एशिया में एक नए क्षेत्रीय संकट की आशंका गहराने लगी है. दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार हवाई हमलों, ज़मीनी झड़पों और जवाबी कार्रवाइयों ने हालात को इस हद तक तनावपूर्ण बना दिया है कि कई वैश्विक शक्तियों ने तत्काल बातचीत की अपील की है.

पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान वायुसेना ने अफगान तालिबान के कई सैन्य ठिकानों और चौकियों पर हवाई हमले किए. इन हमलों का दायरा केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे काबुल और कंधार जैसे प्रमुख शहरों तक फैल गया. इसे बीते वर्षों में अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तान की सबसे गहरी और आक्रामक सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है.

‘अफगानिस्तान के 350 लड़ाके ढेर, 26 पोस्ट पर कब्जा’
पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसकी सुरक्षा बलों ने अफगान तालिबान के खिलाफ चलाए जा रहे जवाबी अभियान ऑपरेशन गजब लिल हक के तहत अब तक 350 से अधिक तालिबान लड़ाकों को मार गिराया है.

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि इस ऑपरेशन के तीसरे दिन तक सुरक्षा बलों ने कम से कम 352 तालिबान ऑपरेटिव्स को ढेर किया है, जबकि 535 से अधिक को गंभीर चोटें आई हैं. उन्होंने कहा कि अब तक दुश्मन के 130 सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है.

तरार के मुताबिक, पाकिस्तानी वायुसेना और जमीनी बलों ने अफगानिस्तान के भीतर 41 अलग-अलग ठिकानों को प्रभावी ढंग से निशाना बनाया. इन हमलों के दौरान तालिबान की 171 टैंक और बख़्तरबंद गाड़ियां भी नष्ट कर दी गईं. इसके अलावा पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तालिबान के 26 अहम सैन्य पोस्ट पर कब्ज़ा कर लिया है.

टीटीपी बना टकराव की जड़
इस्लामाबाद का कहना है कि अफगान तालिबान, पाकिस्तान विरोधी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को शरण और समर्थन दे रहा है. पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी के लड़ाके अफगान धरती से पाकिस्तानी सीमा में घुसपैठ कर हमले कर रहे हैं, जिनमें हाल के महीनों में दर्जनों सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है.

तालिबान सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है. काबुल का कहना है कि वह किसी भी देश के खिलाफ अपनी ज़मीन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देता और पाकिस्तान को अपने आंतरिक सुरक्षा मसलों के लिए अफगानिस्तान को दोषी नहीं ठहराना चाहिए.

‘खुली जंग’ का ऐलान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शुक्रवार को स्थिति को ‘खुला युद्ध’ करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान अब सीमा पार हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने संकेत दिया कि यदि हमले जारी रहे, तो सैन्य कार्रवाई और तेज़ की जा सकती है.

इससे पहले गुरुवार रात अफगान बलों ने सीमा के पास पाकिस्तानी चौकियों पर हमला किया था. पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई पहले किए गए उसके हवाई हमलों के जवाब में की गई, जबकि अफगान पक्ष इसे पाकिस्तान की ‘लगातार उकसावे वाली नीति’ का नतीजा बता रहा है.

जेट गिराने का दावा, पायलट पकड़े जाने की बात
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया जब अफगान अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने पूर्वी अफगानिस्तान के जलालाबाद में एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मार गिराया है. अफगान पुलिस प्रवक्ता तैयब हम्माद के मुताबिक, विमान शहर के छठे ज़िले में गिरा और उसका पायलट पैराशूट के ज़रिये उतरने के बाद ज़िंदा पकड़ लिया गया.

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